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बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष सिंह मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि बच्चे देश के भविष्य होते हैं लेकिन अगर बच्चों के भविष्य अन्धकार में हो तो एक अच्छे देश की कल्पना नहीं की जा सकती हैं। कई जग़ह चौदह वर्ष से कम आयु के बच्चों से कठिन कार्य करवाया जाता हैं। देश में बाल श्रम एक अपराध हैं इसके लिए कानून भी बनाई गई हैं। कानून के उलंघन करने वालों को एक वर्ष की जेल और जुर्माना लगता हैं।लेकिन सजा का ये प्रावधान काम की ही सूची में रह जाती हैं। आज देश में खुले-आम बाल मज़दूरी ज़ारी हैं तथा इसका विरोध करने वाला कोई नहीं हैं।
बिहार राज्य के मधुबनी ज़िला के खजौली प्रखंड से रामाशीष मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि राज्य सरकार द्वारा कई कल्याणकारी योजना चलाई जा रही हैं। जैसे जननी सुरक्षा योजना , कन्या विवाह प्रोत्साहन योजना,विभिन्न सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना,पारिवारिक लाभ योजना इत्यादि। इन सारी योजनाओं का उद्देश्य जनता का कल्याण करना हैं।लेकिन ज़िला स्तर से ले कर पंचायत स्तर तक हो रहे भ्रष्टाचार से लाभार्थी पूर्ण रूप से इसका लाभ नहीं ले पा रहे हैं।इन सारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए लोग प्रखंड कार्यालयों का चक्कर लगाते लगाते थक जाते हैं परन्तु निराशा ही उनके हाथ लगती।उन कल्याणकारी योजनाओं का फ़ायदा ही क्या जो लाभार्थियों को लाभ ना पहुँचा सके।एक ना एक दिन तो राज्य सरकार या दलों को इसका ख़ामियाज़ा भुगतना ही पड़ेगा। इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देनी चाहिए।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि प्रखंड में भारतीय वन अधिनियम की अवहेलना करते हुए कुछ लोगों द्वारा हरे-भरे वृक्ष की अवैध रूप से धड़ाधड़ कटाई हो रही हैं।लकड़ियों से लदे दर्जनों ट्रकों को देखा जा रहा हैं। इस अधिनियम की धारा चौसठ के अनुसार अवैध रूप से वृक्षों की कटाई करने वालों को वन पदाधिकारी व पुलिस द्वारा बिना वारंट के तुरंत गिरफ़्तार किया जा सकता हैं परन्तु अधिकारी आदेश न मानते हुए अपनी ज़िम्मेदारी पूर्ण रूप से नहीं निभा रहे।ज़िला वन प्रभारी को इस पर ध्यान देना चाहिए। वनों की सुरक्षा हेतु उन्हें अपना कर्तव्य निभाने की आवश्यकता हैं।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला के खजौली प्रखंड से रामाशीष मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि बच्चों की अच्छी परवरिश के लिए केवल माता-पिता ही नहीं बल्कि पुरे परिवार वालों का योगदान होना चाहिए।बच्चों के बढ़ती उम्र में उनकी दिनप्रतिदिन की जिज्ञासा को विस्तारपूर्वक निखारने व बढ़ाने में संयुक्त परिवार एहम भूमिका निभाता हैं परन्तु जमाना इस कदर बदल गया है कि अब संयुक्त परिवार की कोई पूछ नहीं और बच्चों की परवरिश माता-पिता तक ही सिमित रह गयी हैं।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला से रामाशीष सिंह जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते हैं कि मधुबनी जिले के खजौली प्रखंड के बाल विकास प्रेरणा पदाधिकारी को यह पता नहीं है की प्रखंड में किन-किन आंगनबाड़ी केंद्रों का भवन नहीं है। तथा किस आंगनबाड़ी केंद्र का भवन बन चुका है। जो भवन बन कर तैयार है उस आंगनबाड़ी केंद्र को सुपुर्द किया गया है या नहीं इसकी भी जानकारी नहीं है। आंगनबाड़ी सेविकाओं को जन्म मृत्यु निबंधन निर्धारित तौर पर उपलब्ध है या नहीं उन्हें कोई मतलब नहीं है। जानकारी के अनुसार प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र से प्रतिमाह तीन हजार रुपये अवैध राशि वसूलना तथा सेविका सहायिका के चयन में उलटफेर करना ही उनका मात्र एक काम रह गया है।
बिहार राज्य के मधुबनी जिला से रामानंद जी मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जिला में बिजली व्यवस्था अस्त-व्यस्त हैं।बिजली रहने के बावज़ूद बिजली विभाग द्वारा कई क्षेत्रों में ट्रांसफॉर्मर के फ्यूज उड़ जाने पर बिजली उपलब्ध नहीं करवा पाती हैं।ट्रांसफार्मर में कुछ भी गड़बड़ी आने पर सम्बंधित उपभोगताओं के साथ साथ पुरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती हैं।इस कारण स्थानियों को काफ़ी दिक्कतें आती हैं। पूरे ज़िले में कई ट्रांसफार्मर व्यवस्थित रूप से काम कर रही हैं परन्तु बिजली विभाग सुचारु ढंग से उपभोगताओं को बिजली उपलब्ध करवाने में असफ़ल हैं।दिन में कई बार कई घंटे बिजली बाधित रहती हैं।ट्रांसफार्मर में छोटी मोटी गड़बड़ी आने के कारण पूरी क्षेत्र की बिजली गुल कर देने के कारण पूरा ज़िला परेशान हैं।
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