सूखे से जूझ रहे हैं किसान, खेतों में बोऐ धान के बीज बढ़ने से पहले ही सुखने के कगार पर कभी बाढ़ तो कभी सुखाड़ से किसान होते हैं बर्बाद,सक्षम विभाग मौन सुगौली,पू.च:--धान का कटोरा कहा जाने वाला क्षेत्र आज प्रचंड गर्मी से जीवन उबारने की जद्दोजहद में लगा है।अप्रत्याशित बढ़ती तापक्रम,और बारिश के नही होने पानी के अभाव में फसलें दम तोड़ रही है।प्रखंड क्षेत्र की कृषि मानसून के साथ जुआ साबित हो रही है।किसान सूखे की समस्या से जूझ रहे हैं।आषाढ़ महीने में बारिश नही होने से किसानों की चिंता काफी बढ़ गई है।यहां की आबादी ज्यादातर खेती पर निर्भर करती है।खेतों की बदौलत किसान साल भर तक दो जून की रोटी,बच्चों की पढ़ाई,बीमार सदस्यों की दवाई,बिटिया की शादी,घर बनाने सहित विभिन्न कार्यो का निपटारा करते हैं। पर सूखे की स्थिति को देखते हुए किसानों के आंखों की नींद हराम हो गई है।किसानों को इस बात की चिंता सता रही है कि कुछ दिन और बारिश नहीं हुई और नहरों से पानी नहीं मिला तो रोपने के लिए धान का बीज नहीं मिल पायेगा और खेत परती रह जाएंगे।सब मन में सजाए हुए सारे सपनों पर पानी फिर जाएगी।इस साल खेती मार खा गई तो घर का सारा बजट बिगड़ जाएगा तथा दो जून की भोजन के लिए हम किसान मोहताज हो जाएंगे।
