राज्य सरकार प्रदेश में अल्प वृष्टि, बाढ़ आदि से खरीफ फसलों के संभावित नुकसान की भरपाई के लिए इस वर्ष बीज वितरण पर 50 करोड़ रुपए खर्च करेगी। मंगलवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को हरी झंडी दी गयी। बैठक में 9 प्रस्तावों पर कैबिनेट ने सहमति प्रदान की। कैबिनेट के अपर मुख्य सचिव डॉ. एस. सिद्धार्थ ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में अनियमित मानसून, बाढ़, सूखा जैसी स्थिति में खरीफ 2023 में आकस्मिक फसल योजना अंतर्गत बीज वितरण के लिए मंत्रिमंडल ने 50 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। राशि से किसानों को वैकल्पिक फसल उत्पादन के लिए मुफ्त बीज मुहैया कराए जाएंगे। आकस्मिक फसल योजना से प्रतिकूल प्रभाव को कम किया जा सकेगा। किसानों का वैकल्पिक फसल उत्पादित होगा, जिससे वे प्रतिकूल मौसम से अप्रभावित रहेंगे और उनका नुकसान भी कम होगा। किसानों को धान (प्रमाणित), मक्का (संकर), अरहर, उड़द, तोरिया, सरसों (अगात), मटर (अगात), भिंडी, मूली, कुल्थी, मड़ुआ, सांबा, कोदो, ज्वार, बरसीम के 41 हजार 82 क्विंटल बीज वितरित किए जाएंगे
