बिहार के जिलों में जिन पंचायतों का जलस्तर पचास फीट से नीचे चला गया है, वहां आहर-पोखर बनेंगे। पुराने आहर का जीर्णोद्धार होगा। अवरोधक बनाकर वहां जल संरक्षण का काम किया जाएगा ताकि मिट्टी की नमी बरकरार रहे। इससे फसलों का उत्पादन बढ़ेंगे। कृषि विभाग ने इसके लिए करीब 46 करोड़ रुपये जारी किए हैं। इस राशि से दक्षिण बिहार के 17 जिलों में 389 साद अवरोधक, 1610 आहर का जीर्णोद्धार, 201 मेड़बंदी, 270 चेक डैम, 479 जल संचयन तालाब, 292 फार्म तालाब बनाए जाएंगे। इसके अलावा 110 हेक्टेयर में भूमि समतलीकरण का कार्य कराया जाएगा। सामुदायिक स्थलों पर निर्माण या जीर्णोद्धार कराने पर सरकार की ओर से सौ फीसदी अनुदान दिया जाएगा। निजी भूमि पर 90 फीसदी अनुदान मिलेगा। जल संरक्षण के उपाय होने से इन जिलों में भूमि संरक्षण का काम भी होगा। इससे जल की बर्बादी रुकेगी। वहां की मिट्टी में नमी बरकरार रहेगी। इसका फायदा किसानों को खेती में मिलेगा। इन 17 जिलों में बारिश की कमी रहती है।