प्रशासनिक उदासीनता के कारण जिला में अवैध जांच घर फलफूल रहा है। हालत यह है कि बड़ी संख्या में जिला में जांच घर चल रहा है। लेकिन न तो इनके खिलाफ कोई छापेमारी होती है और न कोई कार्रवाई। जबकि पिछले वर्ष जांच टीम ने 135 जांच घर को फर्जी होने का रिपोर्ट दिया था। हालत यह है कि रिपोर्ट कागज में ही रह गया। जांच टीम ने अवैध135 जांच घरों को किया था चिह्नितमिली जानकारी के अनुसार, उच्च न्यायालय के निर्देश के आलोक में जिला में संचालित फर्जी जांच घर की खोज कर उन्हें बंद कराने का निर्देश दिया गया था। जिसके आलोक में सिविल सर्जन के द्वारा एक जांच कमेटी बनाई गई। जांच कमेटी ने जिला में135 जांच घर को मानक के अनुसार नहीं बताते हुए उनके अवैध तरीके से संचालन का रिपोर्ट दिया था। इस रिपोर्ट के अनुसार सिविल सर्जन ने प्राथमिक चिकित्सा केंद्र प्रभारियों को प्रशासनिक अधिकारी व पुलिस के साथ इन अवैध जांच घर को बन्द कराने व थाना में प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था। मगर एक भी फर्जी जांच घर बन्द नहीं हुआ। इसको लेकर चिकित्सा प्रभारियों का कहना है कि प्रशासन व पुलिस का सहयोग नहीं मिल रहा है।