जिले में स्ट्राबेरी की फसल लहलहाने लगी है। पंरपरागत खेती से इत्तर इस खेती के प्रति किसानों में रूझान बढ़ने लगा है। जिले में ट्रायल के रूप में इस खेती की शुरूआत आधा एकड़ में तुरकौलिया के एक किसान ने की है। ड्रिप इरिगेशन से आच्छादित स्ट्राबेरी की खेती से किसान की कमाई भी शुरू हो गयी है। एक दिन के अंतराल पर करीब 70 किलो तक स्ट्राबेरी फल का उत्पादन हो रहा है। जिले में एक हेक्टेयर में स्ट्राबेरी की खेती का लक्ष्य था। इसके लिए दो किसानों का चयन कर जिला उद्यान विभाग के द्वारा अनुदान मुहैया कराया गया है। प्रति हेक्टेयर खेती के लिए 1.25 लाख रुपये की लागत पर 40 प्रतिशत अनुदान देय है। चार माह में 1.25 लाख तक कमाई आधा एकड़ स्ट्राबेरी की खेती में चार माह में करीब 50 हजार रुपये तक लागत आती है। इस चार माह में खर्च की कटौती कर करीब 1.25 लाख तक कमाई होने की उम्मीद है। किसान के द्वारा पहली बार प्रयोग के तौर पर स्ट्राबेरी की खेती की गयी है। लेकिन इससे बेहतर उत्पादन देख किसान गदगद हैं। आगे इससे अधिक एरिया में खेती करने की योजना बनायी है। स्ट्राबेरी फल खाने से होते हैं ये फायदे स्ट्राबेरी फल में सेहत का खजाना है। इसके खाने से वजन कम करने में लाभ होता है। कैंसर से बचाव करता है। इसे खाने से हृदय स्वस्थ रहता है। दांतों को स्वस्थ रखने में सहायक होता है। हड्डियों को मजबूत व स्वस्थ रखता है। आंखों की रोशनी ठीक रहती है। स्ट्राबेरी खाने से ब्लड शुगर कंट्रोल रहता है।
