टीबी पूर्णतः ठीक होने वाली बीमारी है। इसके उपचार की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी इसके दवाओं का नियमित सेवन है। जिसे निगरानी या सतत मॉनिटरिंग से ही संभव किया जा सकता है। यह बातें जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ टीएन प्रसाद ने मंगलवार को कही। उन्होंने बताया कि जिले में जितने भी टीबी मरीज इलाजरत हैं, उनके पूर्ण उपचार के साथ निगरानी के लिए मरीजों का फॉलोअप आवश्यक है। यह टीबी के मरीजों के परिणाम में सुधार के लिए भी आवश्यक है। फॉलो अप के दौरान हमें टीबी रोगी के घर में रह रहे अन्य लोगों के लक्षणों पर भी ध्यान देना होता है। अगर कोई संदिग्ध दिखता है तो उसके सैंपल लेकर भी हम ट्रू नेट मशीन या माइक्रोस्कोपिक जांच करते हैं।
