पिपराही प्रखंड क्षेत्र के गन्ना किसानों को दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही है समस्या रीगा चीनी मील बंद होने से किसानों की हो रही है परेशानी। किसानों द्वारा गन्ना के फसलों को औने-पौने दामों पर बेचने के लिए मजबूर है। फिर भी उनकी गन्ने की फसल को खरीदने वाला कोई नहीं है।विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। वही कुम्मा गांव के किसानों द्वारा जीवकोपार्जन का मुख्य फसल गन्ना ही है।जो आज बहुत बड़ी समस्या बनी हुई है। वहां के किसानों द्वारा बताया गया है की दो साल पहले से ही रीगा चीनी मिल कम्पनी द्वारा भत्ता बकाया है।वही इस बार चीनी मिल बंद होने से गोपालगंज चीनी मिल द्वारा किसान औने पौने दामों पर अपना गन्ना बेच रहा है। कभी गन्ने की खरीदारी 230 रू प्रति क्विंटल हुआ करता था। अब वह 200रू. प्रति क्विंटल किसान बेच रहे है और उसमें भी 10रू प्रति क्विंटल की कटौती हो रही है। वही कुअमा गांव के किसान जितेंद्र सिंह, रामनिवास,विजय कुमार सिंह, गंगा प्रसाद यादव व फुलगेन प्रसाद यादव द्वारा बताया गया है की रीगा चीनी मिल हमारे गन्ना की कीमत जो देता था वह संतोष जनक था। खासकर शिवहर, पिपराही, पुरनहिया के किसानों की स्थिति दयनीय हो गई है। किसानों ने बिहार सरकार से मांग किया है की रीगा चीनी मिल को पुनः चालू करवाये तथा किसानों की समस्याओं को सुने।
