वैसे तो जलजमाव, कीचड़, जर्जर एवं संकीर्ण सड़कें, सड़कों पर छाया अंधेरा, सड़कों पर दुकानदारों एवं फुटपाथियों का अतिक्रमण, सड़कों के किनारे यत्र तत्र फैली गंदगी एवं कचरे का लगा अंबार जानकी जन्म भूमि की नगरी सीतामढ़ी शहर की पुरानी पहचान रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।