जैसा की आपको पता ही है की वसंत ऋतू को ऋतुओं का राजा कहा जाता है और वसंत पंचमी का त्यौहार भी वसंत ऋतू में ही मनाया जाता है जी हां दोस्तों बसंत पंचमी मुख्य रूप से प्रकृति और भारतीय परंपरा से जुड़ा हुआ त्योहार है, जो बसंत के आने तथा ठंडी के जाने का संकेत देता है,जब फूलों पर बहार हो , जौ और गेहूं की बालियां खिलने लगती हैं, खेतों में सरसों और आमों के पेड़ों पर बौर आने लगते हैं तब वसंत पंचमी का त्योहार आता है।बसंत उत्सव बसंत ऋतु की ताजगी एवं खूबसूरती का उत्सव होता है इसका आगमन सभी के मन में एक अलग ही तरह की सकारात्मक ऊर्जा भर देता है। यह खुशियों के साथ-साथ शिक्षा, ज्ञान और समृद्धि का भी त्योहार है। इस दिन शहरों ,गांवों ,टोलो और कस्बों में सभी लोग खास कर नवयुवक और विद्यार्थीगण छोटे छोटे बच्चे माँ सरस्वती की पूजा अर्चना करते हैं.तो आइये हम सब भी इस खुशनुमा ऋतू और उत्सव का आनंद उठाये। साथियों आप सभी को मोबाइल वाणी परिवार की ओर से बसंत पंचमी एवं सरस्वती पूजा की हार्दिक शुभकामनाएं।

सरस्वती पूजा को लेकर मूर्ति को अंतिम रूप देने में लगे हैं कारीगर। सिकन्दरा प्रखंड राधिका भवन में मशहूर मूर्तिकार सुरेन्द्र पंडित के द्वारा सरस्वती पूजा को लेकर सरस्वती की प्रतिमा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। सुरेन्द्र पंडित बताते हैं कि मैं करीब 41 बर्ष से ही मूर्ति बना रहा हूं। मैं 12 बर्ष की उम्र से ही पिताजी के साथ मूर्ति बनाना शुरू किया था। ज्ञात हो कि सुरेन्द्र पंडित की पत्नी कलावती देवी 2011 से 2016 तक सिकन्दरा पंचायत के मुखिया रही। तथा सुरेन्द्र पंडित 2016 से 2019 तक भारतीय जनता पार्टी सिकन्दरा के प्रखंड अध्यक्ष रहे, फिर भी कभी मूर्ति बनाना नहीं छोड़े।इनका कहना है कि मैं जीवन पर्यन्त अपनी पेशा को नहीं छोड़ूंगा। सुरेन्द्र पंडित सिकन्दरा में कुटुम्ब जी के नाम से विख्यात है, मृदुभाषी स्वभाव के हैं और हमेशा सबकी सुनते और सबकी सेवा के लिए तत्पर रहते हैं। कोई भी इनसे सहयोग की अपेक्षा से आता है तो यथा संभव सहयोग करते रहते हैं चाहे आने वाले किसी भी मुसीबत में हो उनका सहयोग करते रहते हैं बिना भेदभाव के। इन्होंने बंगाल के दमदम विश्वजीत चक्रवर्ती को रखे हुए हैं सहयोग के लिए। सुरेन्द्र पंडित सरस्वती मूर्ति के अलावे मां दुर्गा की प्रतिमा, गणेश जी की प्रतिमा, विश्वकर्मा भगवान की प्रतिमा को बिहार के अन्य जिलों में भी जाकर बनाते हैं आर्डर आने के बाद। अभी तक इन्होंने एक से बढ़कर एक 60 सरस्वती की प्रतिमा को बनाए हैं। अपनी मुस्कुराहट से और मृदुल स्वभाव और समाज सेवा से सबों का दिल जीतने में माहिर हैं।14 फरवरी बसंत पंचमी को सरस्वती पूजा है।13 फरवरी तक सभी मूर्ति को अंतिम रूप दिया जा सकेगा।

दे सलामी इस तिरंगे को जिससे तेरी शान है सर हमेशा ऊँचा रखना इसका जब तक तुझ मे जान है संविधान से ही भारत बना गणतंत्र इससे ही है हर नागरिक स्वतंत्र जी हा दोस्तों, गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व है जो 26 जनवरी को मनाया जाता है। जैसा की आप सबको पता ही है कि आज पूरा देश 75 वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। इस ख़ास मौके पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को मुख्य अतिथि के रूप आमंत्रित किया गया हैं। आज ही के दिन सन् 1950 को भारत सरकार अधिनियम (1935) को हटाकर भारत का संविधान लागू किया गया था। इस ख़ुशी के मौके पर देश के हर कोने मे ,प्रत्येक स्कूलों, कॉलेजों शैक्षिक संस्थानों के आलावा सभी कार्यालयो में झंडे फहराये जाते है और कई रंगारंग कार्यक्रम भी किये जाते हैं। विश्व भर में फैले हुए भारतीय मूल के लोग तथा भारत के दूतावास भी गणतंत्र दिवस को हर्षोल्लास के साथ मनाते हैं।,तो आइये शांति- सदभाव और पुरे हर्षोउल्लास के साथ इस गणतंत्र दिवस को मनाये ,साथियों ,मोबाइल वाणी परिवार की और से आप सभी श्रोताओं को गणतंत्र दिवस की हार्दिक हार्दिक शुभकामनाएं ।

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अयोध्या से आए अक्षत कलश को ढोल नगाड़े के साथ किया स्वागत निकाली गई शोभायात्रा सोनो प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत महेश्वरी पंचायत के महेश्वर गांव में अयोध्या से पूजित अक्षत पवित्र कलश पहुंचे , जहां ग्रामीणों द्वारा महेश्वरी गांव में पवित्र कलश को ढोल नगाड़े गाजे बाजे और भगवा झंडे के साथ जयकार जय श्री राम के नारे के साथ भ्रमण करते हुए CRPF कैंप से महेश्वरी गांव होते हुए दुर्गा मन्दिर तक पहुंचकर पवित्र कलश को मंदिर में रखा गया, कार्यक्रम संयोजक ने बताया है कि 22 जनवरी 2024 को अयोध्या में राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर सभी लोगों का घर तक अक्षत कलश लेकर अमंत्रित करना है, जो नही जा सकते है तो उनसभी लोगों अपने अपने घर में ही दीपक जलाकर दिपावली मनाए इस मौके पर उपस्थित भाजपा सोनो मंडल अध्यक्ष संदीप कुमार सिंह, कार्यक्रम संयोजन और खण्ड कार्यवाह सोनो आरएसएस इकाई एवम कार्यक्रम सह संयोजन अंशुधर वर्णवाल, मुकेश शास्त्री, जगत मोहन पांडे के अलवे दर्जनों राम भक्त उपस्थित थे सहित सैकड़ो ग्रामीणों मोजूद थे,

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देश में हर साल 26 नवम्बर का दिन संविधान दिवस के रूप में मनाया जाता है ! यह संविधान ही है जो हमें एक आजाद देश का आजाद नागरिक की भावना का एहसास कराता है। जहां संविधान के दिए मौलिक अधिकार हमारी ढाल बनकर हमें हमारा हक दिलाते हैं, वहीं इसमें दिए मौलिक कर्तव्य में हमें हमारी जिम्मेदारियां भी याद दिलाते हैं। 26 नवंबर 1949 का दिन आजाद भारत के इतिहास का बड़ा ऐतिहासिक दिन था!

अखिल भारतीय कायस्थ महासभा जमुई जिला इकाई की ओर से अपने कुल देवता भगवान चित्रगुप्त का पूजन उत्सव बुधवार को हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। आदि चित्रगुप्त मंदिर माहिसौड़ी जमुई में आयोजित इस पूजन उत्सव में कायस्थ समाज के लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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दोस्तों, धनतेरस की बहुत बहुत शुभकामनाएं.. जाहिर है कि आज के लिए शॉपिंग की लिस्ट तैयार हो गई होगी... धनतेरस का मौका है ही ऐसा... खासकर की हमारी लेडीज के लिए... क्यों सही कहा ना..? तो चलिए फिर जरा हमें भी बताइए कि इस बार आप धनतेरस पर क्या कुछ खास खरीददारी कर रही हैं...? साथ ही अगर आप जानती हैं कि धनतेरस का त्यौहार क्यों मनाया जाता है तो उसकी कहानी या फिर आपके क्षेत्र में प्रचलित कोई किस्सा या रस्म हो तो उसे भी हमारे श्रोताओं तक पहुंचाएं... फोन में नम्बर 3 दबाकर.