दिलीप पांडेय,जिला जमुई से मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि समाज में जागरूकता,भागीदारी होगी तभी बाल शोषण पर लगाम लग सकता है।क्योकि इससे लड़कियों की पढ़ाई बाधित होती है साथ ही गुनाह करने वाले को सजा नहीं दी जाती है जबकि सजा गुन्हेगार को देनी चाहिए।इसलिए इस बढ़ती समस्या को रोकने के लिए समाज को आगे आना होगा तभी स्वच्छ समाज की कल्पना की जा सकती है. साथ ही समाज में लड़का-लड़की में भेद भाव ख़त्म होगा और कदम से कदम मिलाकर महिलाएं भी चले।