बिहार सरकार ने हाल में राज्य के 45 हजार गांवो की जमीन का सर्वे का निरिक्षण कराने का फैसला किया है। सर्वे कराये जाने को लेकर सरकार का कहना है कि इससे वह राज्य के 50 साल पुराने जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करना चाहती है। क्योंकि इन पचास सालों में जमीन के मालिकाना हक पर काफी बदलाव हुए हैं। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि इस सर्वे में जमीन से जुड़ी 170 से ज्यादा प्रकार की जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी। इसके अलावा 'इस सर्वे का एक उद्देश्य जमीन विवादों को कम करना भी है। पुराने रिकॉर्ड की वजह से कई बार विवाद होते हैं। नए सर्वे से यह समस्या दूर होगी।' सर्वे के दौरान लोगों को अपने जमीन के कागजात दिखाने होंगे। *----- दोस्तों इस मसले पर आपकी क्या राय है, क्या आपको भी लगता है कि शिक्षा के अभाव और कानून के उल्झे हुए दांव-पेचों ने महिलाओं को उनके हक और अधिकार से वंचित कर रखा है? *----- महिलाओं को भूमि अधिकार के बदले अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इसके बदले में महिलाएं को किस तरह के सशक्तिकरण और स्वतंत्रता की उम्मीद की जा सकती है। *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए क्या किया जा सकता है?

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने कलाशी देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं खेती कर के आत्मनिर्भर होंगी।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि हमारे देश के विभिन क्षेत्रों में कई प्रकार की असमानताएं देखने को मिलती है। महिला और पुरुषों को एक समान नजरिये से नहीं देखा जाता है। कई परिवार में यह देखा जाता है की लड़कों के खान - पान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। लड़कों की शिक्षा पर भी ध्यान देतें हैं। लेकिन लड़कियों को पढ़ने नहीं देते। इसके कई कारण हैं, लड़कियों को घर पर गृहस्थी संभालने के लिए रखा जाता है। उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। जिसके कारण लड़कियां अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की महिला खुद अशिक्षित होती हैं। वो खुद शिक्षा का महत्व नहीं समझ पाती हैं। इसलिए अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रयास नहीं करती हैं

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि हमारे देश के विभिन क्षेत्रों में कई प्रकार की असमानताएं देखने को मिलती है। महिला और पुरुषों को एक समान नजरिये से नहीं देखा जाता है। लोगों को मानना है की महिला पुरुषों के मुताबिक़ कम काम करती है। इसलिए महिलाओं को वेतन भी कम दिया जाता है। लेकिन ऐसा बिल्कुल नहीं है। महिला को बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। जिसके कारण लड़कियां अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाती हैं

बिहार राज्य के जिला औरंगाबाद से सलोनी कुमारी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से राबड़ी देवी से हुई। राबड़ी देवी यह बताना चाहती है कि महिला को पुरुष के मुकाबले में कम मजदूरी मिलता है। जबकि महिला पुरुष के बराबर ही काम करती है। महिला लोग को ज्यादा मजदूरी मिलना चाहिए।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सुनीता कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि शिक्षा जीवन का आधार है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्र में स्कूल काफी दूर होता है। आवागमन की भी सुविधा नहीं होती है। जिसके कारण लड़कियां शिक्षा से वंचित रह जाती हैं। गांव में कोचिंग सेंटर भी नहीं होता है। जिसके कारण उनके पास शिक्षा प्राप्त करने का कोई जरिया ही नहीं रहता है। वहीं शहरों में शिक्षा की अच्छी व्यवस्था के साथ ही आवागमन की कई सुविधायें रहती हैं

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को कई असमानताओं का सामना का पड़ता है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्र की अधिकांश महिला अशिक्षित होती है। क्योंकि स्कूल दूर होने के कारण वो पढ़ाई पूरी नहीं कर पाती हैं। लेकिन शहरी क्षेत्र में ऐसा नहीं होता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने बिरनी देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि गांव की महिला अशिक्षा के कारण बिजनेस भी नहीं कर पाती हैं। महिलाओं का शिक्षित होना बहुत जरुरी है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने बिरनी देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलायें पुरुषों की तरह ही काम करती हैं। लेकिन पुरुषों को वेतन अधिक और महिला को कम मिलता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने पूजा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं खेती कर के आत्मनिर्भर होंगी।