बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने राजा कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कुटीर उद्योग बहुत अच्छा माध्यम है। लेकिन आज कल यह विलुप्त होता नजर आ रहा है। इसलिए महिलाओं को पैकिंग कार्य या छोटे छोटे मशीन देने चाहिए जिससे वो आत्मनिर्भर बन सके
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने राजा कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि भारत के कई हिस्सों में विकास बहुत अच्छा हुआ है। लेकिन कई हिस्सों में विकास और शिक्षा आज भी बहुत कम दर पर है। बिहार आज भी पिछड़ा है, लेकिन महिलायें इस विकास में अहम भूमिका निभा सकती हैं। महिला अपने परिवार , समाज सभी के साथ जड़ से जुड़ी रहती हैं, तो उन्हें अगर रोजगार दिया जाए तो बहुत बदलाव हो सकता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलायें अशिक्षा के कारण रोजगार से नहीं जुड़ पा रही हैं। इसके साथ ही वो अपने अधिकारों के लिए भी आवाज नहीं उठाती हैं। पुरुषों से डर कर रहती हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हालत और खराब हैं। इसलिए यहाँ की महिलाओं को कई परेशानी का सामना करना पड़ता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने मुन्नी देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि ग्रामीण क्षेत्रों में बहुत सारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्कूल दूर रहने के कारण बच्चे पढ़ नहीं पाते हैं। महिला खेतों में काम करती हैं, उसमें भी उन्हें मजदूरी कम दिया जाता है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि शहरी क्षेत्रों में महिलाओं को काम के बहुत सारे अवसर मिलते हैं। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को केवल खेत में काम करने का मौका मिलता है। उसमें भी मजदूरी कम मिलती है। कई बार महिलायें अपने ही खेत में काम करती हैं। जिसका पैसा उन्हें मिलता नहीं है। जिस कारण उन्हें पैसों के लिए अपने परिवार पर निर्भर होना पड़ता है। इसलिए सरकार को ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को भी छोटे-छोटे रोजगार से जोड़ना चाहिए।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि भारत के अलग - अलग हिस्सों में कई तरह की असमानतायें हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिला और पुरुष एक काम करते हैं। लेकिन दोनों को वेतन अलग मिलता है। महिलाओं को कमजोर समझ कर उन्हें कम वेतन दिया जाता है। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में सुविधाओं की कमी है। शिक्षा हो या सड़कें शहर में सभी चीजों की अच्छी व्यवस्था है। लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में इन सभी चीजों का अभाव है
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत कृषि विशेषज्ञ कपिल देव शर्मा बाजरे की फसल में तना छेदक कीट से बचाव के बारे में जानकारी दे रहे हैं। विस्तारपूर्वक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें .
बिहार सरकार ने हाल में राज्य के 45 हजार गांवो की जमीन का सर्वे का निरिक्षण कराने का फैसला किया है। सर्वे कराये जाने को लेकर सरकार का कहना है कि इससे वह राज्य के 50 साल पुराने जमीन के रिकॉर्ड को अपडेट करना चाहती है। क्योंकि इन पचास सालों में जमीन के मालिकाना हक पर काफी बदलाव हुए हैं। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि इस सर्वे में जमीन से जुड़ी 170 से ज्यादा प्रकार की जानकारियां इकट्ठी की जाएंगी। इसके अलावा 'इस सर्वे का एक उद्देश्य जमीन विवादों को कम करना भी है। पुराने रिकॉर्ड की वजह से कई बार विवाद होते हैं। नए सर्वे से यह समस्या दूर होगी।' सर्वे के दौरान लोगों को अपने जमीन के कागजात दिखाने होंगे। *----- दोस्तों इस मसले पर आपकी क्या राय है, क्या आपको भी लगता है कि शिक्षा के अभाव और कानून के उल्झे हुए दांव-पेचों ने महिलाओं को उनके हक और अधिकार से वंचित कर रखा है? *----- महिलाओं को भूमि अधिकार के बदले अर्थव्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। इसके बदले में महिलाएं को किस तरह के सशक्तिकरण और स्वतंत्रता की उम्मीद की जा सकती है। *----- महिलाओं के लिए भूमि अधिकारों को मजबूत करने के लिए क्या किया जा सकता है?
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने कलाशी देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भी पुरुषों के बराबर भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं खेती कर के आत्मनिर्भर होंगी।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि हमारे देश के विभिन क्षेत्रों में कई प्रकार की असमानताएं देखने को मिलती है। महिला और पुरुषों को एक समान नजरिये से नहीं देखा जाता है। कई परिवार में यह देखा जाता है की लड़कों के खान - पान पर विशेष ध्यान दिया जाता है। लड़कों की शिक्षा पर भी ध्यान देतें हैं। लेकिन लड़कियों को पढ़ने नहीं देते। इसके कई कारण हैं, लड़कियों को घर पर गृहस्थी संभालने के लिए रखा जाता है। उन्हें बाहर नहीं निकलने दिया जाता है। जिसके कारण लड़कियां अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाती हैं। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र की महिला खुद अशिक्षित होती हैं। वो खुद शिक्षा का महत्व नहीं समझ पाती हैं। इसलिए अपने बच्चों की शिक्षा के लिए प्रयास नहीं करती हैं
