बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सौरभ कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं खेती कर के आत्मनिर्भर होंगी। अपने बच्चों का बेहतर भविष्य बना पायेंगी।
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सलीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं का शिक्षित होना जरुरी है। क्योंकि शिक्षित महिलायें अपने अधिकारों के लिए लड़ सकती हैं। महिलाओं को अगर अधिकार मिल जायेगा तो वो खेती कर के अपने परिवार को चलायेगी
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सनीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि शिक्षा के बिना जीवन अधूरा है। शिक्षा के बिना महिला अपने हक़ से वंचित रह जाती है। कम उम्र में ही बच्चों की शादी करना या मजदूरी में लगा देना सही नहीं है
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी ने सनीशा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि शिक्षा पर सभी का अधिकार है। शिक्षा से ही समाज में बदलाव लाया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा की कमी के कारण लोग अपने अधिकारों से वंचित रह जाते हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं की पहले जमाने के लोग लड़कियों को पढ़ने के लिए नहीं भेजते थे। क्योंकि सुरक्षा के दृष्टिकोण से उन्हें बाहर निकलने नहीं दिया जाता था। लेकिन आज हर परिवार अपनी बेटियों को भी शिक्षित कर रहा है। शिक्षित महिला अपने अधिकार के लिए आगे बढ़ती हैं और उन्हें अधिकार मिलता भी है। लेकिन अशिक्षित महिलायें अपने अधिकारों से वंचित रह जाती हैं
बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होना चाहिए। इसके साथ ही उन्हें खुद को शिक्षित करना चाहिए। क्योंकि शिक्षा के आधार पर ही वो आगे बढ़ कर अपना अधिकार प्राप्त कर सकती हैं
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू टमाटर की नर्सरी तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
जी हाँ साथियों, शिक्षा का मानव जीवन में एक अलग महत्व है. शिक्षा ही एक मात्र ऐसा हथियार है जो न सिर्फ एक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है बल्कि समाज को एक सही रास्ता भी दिखाता है। शिक्षा से समाज में फैले अंधकार को मिटाया जा सकता है। शिक्षा हर वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है. हरेक वर्ग को शिक्षा के महत्व को समझाने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है।दुनिया भर में साक्षरता दर को बढ़ावा देने के उदेश्य से और सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यूनेस्को ने 7 नवंबर 1965 में इस दिन को मनाने का पहल किया। इसके बाद 8 सितंबर 1966 को पहली बार विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया जाता है. तो साथियों, आइये हम सब मिलकर शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रण लें और इस पहल में अपना योगदान दें। आप सभी श्रोताओं को समस्त मोबाइल वाणी परिवार की ओर से विश्व साक्षरता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
माता-पिता के रूप में जहाँ हम परवरिश की खूबियाँ सीखते हैं, वहीँ इन खूबियों का इस्तेमाल करके हम अपने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा दे सकते है।आप अपने बच्चे के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ाने और उन्हें सीखाने के लिए क्या-क्या तरीके अपनाते है? इस बारे में बचपन मनाओ सुन रहे दूसरे साथियों को भी जानकारी दें। अपनी बात रिकॉर्ड करने के लिए दबाएं नंबर 3.
