बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रेया कुमारी से हुई। श्रेया कहती है कि महिलाओं को जमीन में पूरी तरह से अधिकार मिलना चाहिए। ये अपने परिवार में महिलाओं को शिक्षित करेंगी। महिलाओं को जमीन में अधिकार देंगी ताकि वो खेती बाड़ी कर आत्मनिर्भर बने। इससे महिला के विकास के साथ गाँव समाज विकसित होगा। अगर गाँव विकसित होगा तो देश विकसित होगा

बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। अगर इन्हे अधिकार मिलेगा तो अपने जमीन में बेटी को भी अधिकार देना चाहेंगी। जितना हक़ बेटा का होता है ,उतना हक़ बेटी का भी होता है। बेटी आत्मनिर्भर बने ,अपने हिसाब से निर्णय लें। यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलता जाना चाहिए

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

यह नौकरी उन लोगों के लिए है जो इंडियन रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा एनटीपीसी नॉन टेक्निकल10+2 के 3445 पदों पर काम करने के लिए इच्छुक हैं। वैसे उम्मीदवार इन पदों के लिए आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने किसी भी बोर्ड से बारहवीं पास किया हो , इसके साथ ही उम्मीदवार की न्यूनतम आयु सीमा 18 वर्ष और अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष होनी चाहिए। इन पदों पर वेतनमान नियम अनुसार दिया जाएगा। ओबीसी व सामान्य वर्ग के लिए आवेदन शुल्क 500 रुपये व अनुसूचित जाति ,अनुसूचित जनजाति और पीएच वर्ग के लिए 250 रुपये है, इच्छुक उम्मीदवार अपना आवेदन ऑनलाइन भर सकते हैं।अधिक जानकारी के लिए आवेदनकर्ता इस वेबसाइट पर जा सकते हैं। वेबसाइट है https://www.sarkariresult.com/railway/rrb-ntpc-undergraduate-06-2024/ योग्य उम्मीदवारों का चयन ऑनलाइन परीक्षा के बाद किया जाएगा। याद रखिए इन पदों पर आवेदन करने की अंतिम तिथि 20/10/2024 है ।

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि गरीबी दूर करने के लिए सबसे ज्यादा जरुरी यह है की परिवार के सभी लोग शिक्षित हो। शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति की सोचने समझने की क्षमता में वृद्धि एवं बदलाव आता है। शिक्षित परिवार व्यवसाय कर अपने परिवार को आर्थिक परेशानियों से बचा सकता है। शिक्षा के माध्यम से ही विकास के रास्ते खुलते हैं। इसलिए जरुरी है की ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल और शिक्षा की व्यवस्था सुदृढ़ हो। जिससे छोटे बच्चों का भविष्य शिक्षा के अभाव में अंधकार में ना डूबे

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता सलोनी कुमारी जानकारी दे रही हैं कि महिलाओं को अपने जीवन के निर्णय खुद लेने चाहिए। इसके लिए महिलाओं को अपने घर के सदस्यों से बात कर अपने अधिकारों के प्रति आवाज उठानी होगी। जब घर के पुरुष ही महिलाओं को सहयोग करेंगे और साथ देंगे तो समाज में भी महिला अपनी अहम भूमिका निभा सकती है। इसलिए महिलाओं को अपने हक के लिए आवाज उठानी ही चाहिए

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने अमन कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाओं के अंदर हिम्मत आयेगी और वो अपनी जिंदगी के अहम फैसले खुद करने की क्षमता रखेगी। भूमि की मदद से खेती कर व्यवसाय को आगे बढ़ा सकती हैं। आत्मनिर्भर महिला अपना और अपने बच्चों को ध्यान और परवरिश खुद अच्छे से कर सकती है। अपने बेटा और बेटी दोनों को बराबर का हक़ जमीन में देगी। इससे बेटियाँ सशक्त होंगी। जमीन बेच कर बेटी की शादी करना गलत निर्णय होता है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने प्रिंस कुमार से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। अपने जिंदगी के हर फैसले वो अकेले लेने की क्षमता रखेगी। अपने परिवार के हित में वो निर्णय ले सकती है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने वर्षा कुमारी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। इससे महिलाएं आत्मनिर्भर होंगी। समाज की सोच गलत है की महिला आगे नहीं बढ़ सकती है। आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है। महिला को भी शिक्षा का अधिकार और भूमि पर अधिकार मिलना जरुरी है। इससे समाज गांव और देश का विकास हो पायेगा

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से मोबाइल वाणी संवाददाता शिव कुमारी ने उर्मिला देवी से बातचीत की जिसमें उन्होंने जानकारी दी कि महिलाओं को भूमि पर अधिकार मिलना चाहिए। हम अपनी बेटी की शादी में दहेज़ ना दे कर भूमि में हिस्सा देंगे। क्योंकि दहेज़ ससुराल वाले लोग उपयोग करते हैं। जमीन रहा तो बेटी का काम आएगा। इससे महिलायें कमजोर नहीं होगी। अपना विकास कर सकती हैं