बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से आराध्या से हुई , आराध्या कहती है कि महिलाओं के लिए शिक्षा ज़रूरी है।

बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुजीत कुमार से हुई ,सुजीत कहते है कि अशिक्षा के कारण महिलाओं को समाज में नीचा देखा जाता है इसीलिए महिलाओं को शिक्षित होना ज़रूरी है

बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से सलोनी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से सुजीत कुमार से हुई ,सुजीत कहते है कि महिलाओं को जमीन का अधिकार मिलना चाहिए। परिवार के लोगों का मानना है कि महिलाओं को जमीन में अधिकार देना उचित है

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से शिवकुमारी देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से विमला देवी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान विमला ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलेगा तो वे सशक्त व आत्मनिर्भर बनेंगी

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से शिवकुमारी देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कमला देवी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान कमला ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को संपत्ति में अधिकार मिलेगा तो वे बेहतर तरीके से घर परिवार चला पाएंगी। साथ ही अपने बच्चों को शिक्षित कर पाएंगी

बिहार राज्य के औरंगाबाद जिला से शिवकुमारी देवी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से कोमल कुमारी से बातचीत किया। बातचीत के दौरान कोमल ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। महिलाओं को उनका अधिकार मिले इसके लिए सबसे पहले पनले उन्हें शिक्षित करना होगा। महिलाएं शिक्षित होगी तो आत्मनिर्भर व सशक्त बनेंगी

साथियों, मनुष्य एवं समस्त प्राणी जगत को जीवित रहने के लिए भोजन एक प्रमुख संघटक होता है। और भोजन पाना हर व्यक्ति का अधिकार होता है लेकिन दुर्भाग्य से दुनिया में हर किसी के पास खाने के लिए पर्याप्त भोजन नहीं है कई लोग ऐसे हैं, जो हर दिन भूखे पेट सोने को बेबस हैं । लेकिन दूसरी ओर यह भी देखने को मिलता है की लोग भोजन की बर्बादी भी करते हैं। लोगों में भोजन के महत्व को समझाने और जरूरतमंद लोगों को दो वक्त के भोजन मिल पाए इस उद्देश्य से हर वर्ष 16 अक्टूबर को विश्व खाद दिवस मनाया जाता है।

बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से श्रेया कुमारी से हुई। श्रेया कहती है कि महिलाओं को जमीन में पूरी तरह से अधिकार मिलना चाहिए। ये अपने परिवार में महिलाओं को शिक्षित करेंगी। महिलाओं को जमीन में अधिकार देंगी ताकि वो खेती बाड़ी कर आत्मनिर्भर बने। इससे महिला के विकास के साथ गाँव समाज विकसित होगा। अगर गाँव विकसित होगा तो देश विकसित होगा

बिहार राज्य के औरंगाबाद ज़िला से शिवकुमारी देवी की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से एक महिला से हुई। ये कहती है कि महिलाओं को जमीन में अधिकार मिलना चाहिए। अगर इन्हे अधिकार मिलेगा तो अपने जमीन में बेटी को भी अधिकार देना चाहेंगी। जितना हक़ बेटा का होता है ,उतना हक़ बेटी का भी होता है। बेटी आत्मनिर्भर बने ,अपने हिसाब से निर्णय लें। यह पीढ़ी दर पीढ़ी चलता जाना चाहिए

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...