शिवरात्रि के मौके पर देवकुंड में भव्य मेला का आयोजन किया जाता है। संध्या काल में देवकुंड मठ के तत्वावधान में शिव बारात के रूप में आकर्षक झांकी निकाली जाती है। महाशिवरात्रि को होने वाले विशेष श्रृगांर पूजा व शिव-पार्वती के विवाह को देखने हजारों की संख्या में भक्त पहुंचते हैं।
गोह प्रखंड के उपहारा थाना क्षेत्र के हुंड़रही गांव में आयोजित रूद्र महायज्ञ सह शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा को लेकर आयोजित कथा में कथा वाचिका देवी रक्षा सरस्वती ने शिवलिंग की उत्पत्ति व प्रकार पर विस्तार से वर्णन करते हुए कथा को आगे बढ़ाते हुए कहा कि सृष्टि बनने के बाद भगवान विष्णु और ब्रह्माजी दोनों खुद को सबसे अधिक शक्तिशाली सिद्ध करने में लगे थे। इस दौरान आकाश में एक चमकीला पत्थर दिखा और आकाशवाणी हुई कि इस पत्थर का जो भी अंत ढूंढ लेगा, वह ज्यादा शक्तिशाली माना जाएगा। परंतु दोनों को अंत नहीं मिला।
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
Transcript Unavailable.
