हरदोई। मिट्टी, बालू और मौरंग के अवैध परिवहन व ओवरलोडिंग पर प्रशासन ने छह वाहन स्वामियों

खनन और ओवरलोडिंग करते पकड़े गए नौ वाहनों पर जिला अधिकारी ने जुर्माना लगाया है

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मिट्टी खनन में लगा डंपर पकड़ा गया। खनिज विभाग और पुलिस की मिली भगत से मिट्टी और रेट कारण का कारोबार चरम सीमा पर चल रहा है लेकिन दावे लंबे-लंबे किए जा रहे हैं की पूरी क्षेत्र में कहीं भी मिट्टी आरे का खाना नहीं हो रहा है खनिज विभाग में शिकायत पर बुधवार की दोपहर रेवा बुरादा पुर गांव में खनकी हुई एक मिट्टी से भारी एकदम पर को पकड़ा है जिसे कोतवाली पुलिस के हवाले किया गया है शाहबाद कोतवाली क्षेत्र में पिछले काफी दिनों से मिट्टी और वेतन का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है

अवैध मिट्टी खनन के मामले में जिला अधिकारी ने 6 लाख का जुर्माना लगाया है

*बगैर अनुमति खनन करने पर कार्य संस्था पर ठोंका गया जुर्माना। . कार्यदाई संस्था ने मिट्टी न मिलने के कारण बाईपास निर्माण का काम रोक दिया . लखनऊ- पलिया नेशनल हाईवे 731 के अंतर्गत बनने वाले बहुप्रतीक्षित हरदाेई बाईपास का काम रुक गया है। वजह यह है कि कार्यदाई संस्था के जिम्मेदारों ने मिट्टी न मिल पाने का कारण बताते हुए काम रोक दिया है। मिट्टी की अनु उपलब्धता के कारण हरदोई बाईपास के साथ ही बेहटा गोकुल बाईपास का काम भी ठप हो गया है। . शहर में प्रतिदिन लगने वाले जाम व आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए शाहजहांपुर मार्ग के पास कुर्रिया से खेतुई गांव स्थित जयविद्या एक्सीलेंस विद्यालय तक 16 किलोमीटर 200 मीटर लंबा बाईपास निर्माणाधीन है। नेशनल हाइवे व कार्यदाई संस्था ने एक वर्ष में बाईपास पूरा कर शहर को जाम से निजात दिलाने का आश्वासन दिया था। बाईपास निर्माण में मिट्टी की कमी आड़े आ गई है, बिना अनुमति के नयागांव-खेतुई में मंसाबन झील से खनन करने पर तहसील प्रशासन व खनन विभाग की ओर से कार्यदाई संस्था आरसीएल द्वारा मिट्टी लिए जाने के कार्य को रुकवा दिया गया। इस कारण कार्रदाई संस्था ने बाईपास का काम ठप कर दिया है। कार्यदाई संस्था और खनन विभाग के आमने सामने आने से शहर के 50 हजार लोागें की निर्बाध आवागमन की उम्मीदें ठहर गई हैं। ऐसे ही एक मामले में हरदोई से संडीला के बीच नेशनल हाइवे बनाने का कार्य कर रही पीएनसी कंपनी पर भी मरसा में तालाब से मिट्टी लिए जाने पर आठ लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। . जिला खान अधिकारी अजीत सिंह ने बताया अवैध खनन के मामले में टास्क फोर्स ने कार्रवाई की है, पीएनसी कंपनी पर आठ लाख रुपये का जुर्माना रोपित किया गया है। हालांकि अभी जुर्माना पत्रावली जिलाधिकारी के समक्ष अनुमोदन के लिए लंबित है और अब तक कार्यदाई संस्था ने जुर्माना जमा नहीं किया है।

मिट्टी खनन कर्ताओं पर होगी त्वरित कड़ी कार्रवाई_उमाकांत दीपक शांति भंग के मामले में 3 को किया गिरफ्तार, प्रभारी निरीक्षक उमाकांत दीपक के कुशल नेतृत्व में बेनीगंज पुलिस टीम एक्टिव मोड में नज़र आई। कोतवाली क्षेत्र में शांति भंग करने वाले 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर धारा 151/107/116 सीआरपीसी की कार्यवाही कर न्यायालय भेजा गया। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि शांति भंग के मामले में मयंक पुत्र छोटे सिंह 34 निवासी एकघरा, पिंकू यादव पुत्र जुगराज 27 निवासी उमरारी, प्रभास पुत्र रामबख्श 27 निवासी कबूलपुर को गिरफ्तार कर अग्रिम कार्यवाही हेतु न्यायालय भेज दिया गया है। वही अपराधियों के प्रति सख्त रुख अपनाने वाली बेनीगंज पुलिस एक्टिव मोड में नजर आई। जिसको ध्यान में रखते हुए द्वारा कोतवाली क्षेत्र में हो रहे लगातार मिट्टी खनन संबंधी जनकारी ली गई। तो प्रभारी निरीक्षक उमाकांत दीपक ने बताया कि हमारे क्षेत्र में पूरी तरह से मिट्टी खनन बंद है अगर कहीं पर भी मिट्टी खनन करता कोई व्यक्ति अथवा ट्रैक्टर ट्राली यंत्र आदि पाया जाता है तो त्वरित कड़ी कार्यवाही की जाएगी। हालांकि कोतवाली क्षेत्र के अल्लीपुर, गिरधरपुर, अटिया, नीमडाढ़ा, बेलहैया, सहित सिकंदरपुर बेनीगंज देहात से जुड़े लखनईया हार आदि में लगातार मिट्टी भरे टैक्टर ट्रालियों का दिन हो या रात आना जाना लगा रहता है। वही नाम न छापने की शर्त पर कुछ का कहना है कि हल्का सिपाहियों की दया पर छिट पुट मिट्टी खनन हमेशा होता रहता है।

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खनन निरीक्षक ने मिट्टी से भरी ट्रैक्टर ट्राली को सीज कर दिया वही खनन माफियाओं में खलबली मची हुई है

खनन अधिकारी की तहरीर पर एक ट्रैक्टर ट्राली सीज कर प्रशासन ने की कर्तव्यों की इति-श्री कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत दर्जनों ग्रामों में अवैध मिट्टी खनन कई वर्षों से बदस्तूर जारी है। कछौना क्षेत्र अवैध मिट्टी खनन का हब बना हुआ है। प्रशासन की मिली भगत के चलते खनन माफियाओं के हौसले काफी बुलंद हैं। खनन माफियाओं द्वारा आवागमन हेतु सड़कों पर अंधाधुंध ट्रैक्टर ट्रॉली व ओवरलोड डंपर निकलने से चंद दिनों में सड़क को गड्डायुक्त कर देते हैं। जिससे राष्ट्रीय संपत्ति का नुकसान होता है। खनन माफियाओं के कारण सड़क दुर्घटनाओं में काफी इजाफा हो गया है। वहीं राहगीरों को आवागमन में काफी सुविधा होती है। बताते चलें कोतवाली क्षेत्र कछौना के अंतर्गत शनिवार की साइन कर वर्तमान समय में अबैध मिट्टी खनन का धंधा पुलिस, राजस्व व खनन विभाग के गठजोड़ के चलते धड़ल्ले से चल रहा है। शनिवार सांय कॉल दर्जनों ट्रेक्टर ट्राली कस्बे से मिट्टी भरकर जा रहें थे, परंतु उसी दौरान कछौना पुलिस भी पैदल गस्त कर रही थी, इसी बीच पुलिस ने टैक्टर ट्रॉली को रोंका तो कई चालक ट्रेक्टर लेकर फरार गए। इसी बीच कछौना पुलिस ने एक ट्रैक्टर को पकड़ कर कोतवाली भेज दिया, सूचना पर पहुंचे खनन अधिकारी सुभाष सिंह ने बताया कि ट्रेक्टर को बेनीगंज निवासी 16 वर्षीय अंकुर चला रहा था, जिसके पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नही है। ट्रेक्टर ट्राली को सीज करने के लिए तहरीर कोतवाली में दे दी है। मामले को लेकर प्रभारी निरीक्षक राकेश सिंह ने बताया मिट्टी कलौली गांव से खोद कर बालामऊ रेलवे परिसर में ले जाई जा रही थी। कस्बे की मुख्य मार्ग से जाते समय भीड़ भाड़ में दुर्घटना की संभावनाएं बनी रहती है। जिसके चलते कई बार खनन कराने वाले को हिदायत दी गई, चेतावनी देने के बाउजूद नही मानने पर खनन निरीक्षक की तहरीर पर ट्रेक्टर ट्राली को सीज कर दिया गया है। वही ग्राम आरखतालिया, कटियामऊ, कामीपुर, लोन्हारा, बघुआमऊ, हथौड़ा, बेरुआ, हरदासपुर, झब्बू खेड़ा, इनायतपुर, कलौली, औद्योगिक क्षेत्र संडीला व ग्राम पंचायत महरी का ग्राम सेमरा कलां, त्यौरी मतुआ का ग्राम जसवंतपुर में लगातार अवैध मिट्टी खनन बदस्तूर जारी है। मानकों को ताक पर रखकर खनन माफिया अवैध मिट्टी खनन कर रहे हैं। ट्रैक्टर ट्राली का व्यवसायिक प्रयोग भी किया जा रहा है। ओवरलोड के कारण सड़कों की दुर्दशा हो गई है। जहां तक ज्यादातर सडके पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। जिसका जीता जागता उदाहरण ग्राम सेमरा कलां व लालपुर संपर्क मार्ग का एक वर्ष पूर्व निर्माण कार्य पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा कराया गया था, परंतु वर्तमान में अवैध मिट्टी खनन के वचनों ने सड़क को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया है। राहगीरों का आवागमन भी काफी दुष्कर हो गया है। नाबालिक लड़कों द्वारा वाहन तेज गति से चलाए जाते हैं। जिसके कारण आए दिन दुर्घटनाओं में इजाफा हो गया है। चंद दिनों में सड़कों को जमीदोंज कर देते हैं। स्थानीय प्रशासन का संरक्षण मिलने के कारण आम जनमानस इन लोगों के खिलाफ आवाज नहीं उठा पाते हैं।