हरदोई। ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के बाद अगर निर्धारित

हरदोई। निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम (आरटीई) के तहत जिले के गरीब परिवारों के 171

भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए अपने उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी है। जानिए सेंट्रल यूपी और बुंदेलखंड में कौन

हरदोई। यूं तो शनिवार शाम भाजपा के जिला कार्यालय में हरदोई और मिश्रिख के सांसदों की

एडीआर संस्था ने अपनी एक और रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में राजनीतिक पार्टियों की कमाई और खर्च का उल्लेख है। यह रिपोर्ट बताती है कि कैसे राजनीतिक पार्टियां अपने विस्तार और सत्ता में बने रहने के लिए बड़े पैमाने पर खर्च करती हैं। इस रिपोर्ट के मुताबिक देश के सबसे बड़े सत्ता धारी दल ने बीते वित्तीय वर्ष में बेहिसाब कमाई की और इसी तरह खर्च भी किया। इस रिपोर्ट में 6 पार्टियों की आय और व्यय के आधार पर तैयार किया गया है। इसमें भाजपा, कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, सीपीआई एम और बीएसपी और एनपीईपी शामिल हैं। दोस्तों, *---- आपको क्या लगता है, कि चुनाव लडने पर केवल राजनीतिक दलों की महत्ता कितनी जरूरी है, या फिर आम आदमी की भूमिका भी इसमें होनी चाहिए? *---- चुनाव आयोग द्वारा लगाई गई खर्च की सीमा के दायेंरें में राजनीतिक दलों को भी लाना चाहिए? *---- सक्रिय लोकतंत्र में आम जनता को केवल वोट देने तक ही क्यों महदूद रखा जाए?

आगामी त्यौहारों व लोकसभा चुनाव के दृष्टिगत जिले में कानून एवं व्यवस्था की प्रभावी तैयारियो में सर्किल क्षेत्र में दंगा नियंत्रण अभ्यास कराया गया

18 मार्च से होगी भक्त प्रहलाद कथा

*हरदोई: भाजपा के जय प्रकाश और सपा की ऊषा का सीधा मुकाबला* *कोई बड़ा राजनीतिक उलट फेर नहीं हुआ तो हरदोई लोकसभा क्षेत्र से पुराने राजनीतिक प्रतिद्वंदी एक बार फिर आमने-सामने होंगे। भाजपा से प्रत्याशी घोषित मौजूदा सांसद जय प्रकाश और सपा प्रत्याशी पूर्व सांसद ऊषा वर्मा के बीच चौथी बार सीधा मुकाबला होगा।* इससे पहले तीन बार दोनों प्रत्याशियों का आमना-सामना लोकसभा चुनाव में हो चुका है। भाजपा ने शनिवार को लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों की पहली सूची जारी की है। इसमें हरदोई सीट से मौजूदा सांसद जय प्रकाश को फिर से प्रत्याशी बनाए जाने की घोषणा की गई है। सपा कांग्रेस गठबंधन की ओर से पूर्व में ही तीन बार सांसद और एक बार विधायक रहीं ऊषा वर्मा को सपा प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। जय प्रकाश और ऊषा वर्मा के बीच यह चौथा चुनावी मुकाबला होगा। इससे पहले वर्ष 1998 में पहली बार ऊषा वर्मा हरदोई सीट से सपा प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ी थीं और उन्होंने भाजपा प्रत्याशी व तत्कालीन सांसद जय प्रकाश को हरा दिया था। वर्ष 1999 में दोनों के बीच फिर मुकाबला हुआ। तब लोकतांत्रिक कांग्रेस और भाजपा गठबंधन के प्रत्याशी जय प्रकाश ने सपा की ऊषा वर्मा को हराया था। इसके बाद दोनों के बीच सीधे 2019 में मुकाबला हुआ। तब जय प्रकाश भाजपा प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे और ऊषा वर्मा सपा प्रत्याशी के रूप में सपा बसपा गठबंधन के टिकट पर चुनाव लड़ीं। इस चुनाव में जय प्रकाश जीते। मतलब यह कि अब तक तीन बार दोनों आमने-सामने चुनाव लड़ चुके हैं। दो बार जय प्रकाश और एक बार ऊषा वर्मा को जीत मिली। अब चौथी बार भी दोनों के बीच सीधे मुकाबले की उम्मीद है। 9वीं बार संसदीय चुनाव लड़ेंगे जय प्रकाश भाजपा प्रत्याशी घोषित किए गए सांसद जय प्रकाश का 9वां चुनाव होगा। आठ बार वह सीधे जनता से और एक बार राज्यसभा के लिए चुनाव लड़ चुके हैं। इनमें से वह पांच बार चुनाव जीत चुके हैं। तीन बार हार का सामना करना पड़ा। वर्ष 1991 और 1996 में भाजपा के टिकट पर हरदोई से चुनाव लड़कर जीते थे। 1998 मेंं हार गए थे। 1999 में लोकतांत्रिक कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में चुनाव जीते थे। वर्ष 2004 में मोहनलालगंज से सपा के टिकट पर लड़कर जीते थे। वर्ष 2009 में बसपा के टिकट पर मोहनलालगंज से लड़कर हार गए थे, लेकिन इसी साल राज्यसभा पहुंचने में कामयाब रह थे। वर्ष 2014 में वह मिश्रिख से सपा के टिकट पर लड़कर हारे थे। वर्ष 2019 में भाजपा के टिकट पर हरदोई से सांसद चुने गए।

जनपद के प्रगतिशील किसान धर्मेंद्र सिंह ने जिले का नाम रोशन किया

नई शिक्षा नीति के अनुरोध विद्यालय के भवन सभी प्रकार की सुविधाओं से लैस होंगे