दोस्तों, गरीबी के खिलाफ भारत की लड़ाई में महिला भूमि अधिकार एक निर्णायक कदम साबित हो सकता है। यह केवल संपत्ति का हस्तांतरण नहीं, बल्कि शक्ति का हस्तांतरण है। तब तक आप हमें बताइए कि , *---- क्या आपको लगता है कि महिलाओं के नाम जमीन होने से परिवार की आय बढ़ती है? अपना अनुभव बताएं। *---- आपके गाँव में महिलाओं को जमीन के कागज़ात मिलने से किस तरह के बदलाव आए हैं? *---- क्या आपके परिवार या समुदाय में ऐसी कोई महिला है, जिसकी ज़िंदगी जमीन मिलने के बाद बदली हो?

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रेणुका से बातचीत की। रेणुका का कहना है कि मोबाइल वाणी का कार्यक्रम सुनकर उनके जीवन में बहुत बदलाव आया है। इससे उन्हें रोजगार करने की सीख मिली और वे आत्मनिर्भर बनी

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से रोशनी से बातचीत की। रोशनी का कहना है मोबाइल वाणी पर चल रहे कार्यक्रम को वे कुछ दिनों से सुन रही है। इसे सुनकर उन्हें अच्छा लग रहा है कि कुछ महिलाएं आगे बढ़ रही हैं कुछ बढ़ने की कोशिश कर रही हैं। उन्होंने भी कार्यक्रम सुनकर अपना सिलाई का काम करना शुरू कर दिया है

बिहार के नवादा जिले के एक गांव में रहने वाली फगुनिया या फिर उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले के किसी गांव में रहने वाली रूपवती के बारे में अंदाजा लगाइये, जिसके पास खुद के बारे में कोई निर्णय लेने की खास वज़ह नहीं देखती हैं। घर से बाहर से आने-जाने, काम काज, संपत्ति निर्माण करने या फिर राजनीतिक फैसले जैसे कि वोट डालने जैसे छोटे बड़े निर्णय भी वह अक्सर पति या पिता से पूछकर लेती हो? फगुनिया और रूपवती के लिए जरूरी क्या है? क्या कोई समाज महज दो-ढाई महिलाओं के उदाहरण देकर उनको कब तक बहलाता रहेगा? क्या यही दो-ढ़ाई महिलाएं फगुनिया और रूपवती जैसी दूसरी करोड़ों महिलाओं के बारे में भी कुछ सोचती हैं? जवाब इनके गुण और दोष के आधार पर तय किये जाते हैं।दोस्तों इस मसले पर आफ क्या सोचते हैं अपनी राय रिकॉर्ड करें .

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से सायरा बानो ने मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से बातचीत की। श्रोता का कहना है महिलाओं को अपनी गरीबी दुर करने के लिए कहीं न कहीं वे अपना कारोबार करें कोई रोजगार शुरू करना चाहिए। बहुत सी महिलाएं खेती कर सकती हैं बहुत सी महिलाएं घर पर रहकर काम कर सकती हैं

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गुड्डू से बातचीत की। गुड्डू का कहना है कि महिलाओं के नेतृत्व क्षमता बढ़ाने और उन्हें आगे ले जाने के लिए उनका शिक्षित होना बहुत जरूरी है।पढ़ाई लिखाई करेंगे तो आगे बढ़ेंगे नहीं तो मुश्किल है साथ ही महिलाओं को उद्यमी बनाने और उन्हें रोजगार से जोड़ने में भूमि का अधिकार मिलने से उन्हें काफी सहायता मिलेगा। भमि से उन्हें कुछ पैसे मिल सकते हैं और वे को काम कर सकते हैं

भारत जैसे देश में जहां सासंकृतिक सामाजिक और राजनीतिक असमानताओं की खाई बहुत ज्यादा गहरी है, ऐसे में यह कह पाना कि सबकुछ एक समान है थोड़ी ज्यादती है। आप हमें बताइए कि "*----- महिलाओं को नेतृत्व की भूमिकाओं में शामिल करने और निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास किए जा सकते हैं? *----- समुदाय-आधारित पहल और सामाजिक उद्यमिता गरीबी उन्मूलन में कैसे योगदान दे सकते हैं?

भूमि सुधार कानूनों में संशोधन करके महिलाओं के भूमि अधिकार को सुनिश्चित किया जा सकता है। उदाहरण के लिए, कानूनों में यह प्रावधान किया जा सकता है कि महिलाओं को पैतृक संपत्ति में समान अधिकार होगा और विवाह के बाद भूमि का अधिकार हस्तांतरित नहीं होगा। सभी जमीनों का दस्तावेजीकरण किया जाना चाहिए ताकि महिलाएं अपने भूमि अधिकारों का दावा कर सकें। तब तक दोस्तों आप हमें बताइए कि *----- आपके हिसाब से महिलाओं को भूमि का अधिकार देकर घर परिवार और समाज में किस तरह के बदलाव लाए जा सकते हैं? *----- साथ ही आप इस मुद्दे पर क्या सोचते है ? और आप किस तरह अपने परिवार में इसे लागू करने के बारे में सोच रहे है ?

कुछ महीने पहले की बात है, सरकार ने महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए कानून बनाया है, जिससे उन्हें राजनीति और नौकरियों में आरक्षण मिलेगा, सवाल उठता है कि क्या कानून बना देने भर से महिलाओं को उनका हक अधिकार, बेहतर स्वास्थय, शिक्षा सेवाएं मिलने लगेंगी क्या? *----- शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा और आर्थिक अवसरों तक महिलाओं की पहुंच में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं *----- महिलाओं को जागरूक नागरिक बनाने में शिक्षा की क्या भूमिका है? *----- महिलाओं को कानूनी साक्षरता और उनके अधिकारों के बारे में जागरूक कैसे किया जा सकता है"

उत्तर प्रदेश राज्य के गोंडा जिला से माधुरी श्रीवास्तव ने मोबाइल वाणी के माध्यम से गुडडा से साक्षात्कार लिया। गुडडा ने बताया कि पिता की संपत्ति में महिलाओं को अधिकार मिलना चाहिए लेकिन इससे भाई बहन के रिश्ते में दरार आ सकती है। महिलाओं के लिए रोजगार बहुत महत्वपूर्ण है,यदि उन्हें घर में कोई काम मिल जाता है तो घर में रह कर वे काम कर सकती हैं और अपने पैरों में खड़ी हो सकती हैं जैसे बैग बना सकती हैं ,पर्स बना सकती हैं ,बहुत सारे काम कर सकती हैं