बीते दिनों महिला आरक्षण का बहुत शोर था, इस शोर के बीच यह भी ध्यान रखा जाना चाहिए की अपने को देश की सबसे बड़ी पार्टी कहने वाले दल के आधे से ज्यादा भू-भाग पर शासन होने के बाद भी एक महिला मुख्यमंत्री नहीं है। इन सभी नामों के बीच ममता बनर्जी इकलौती महिला हैं जो अभी तक राजनीति में जुटी हुई हैं। वसुंधरा के अवसान के साथ ही महिला नेताओं की उस पीढ़ी का भी अवसान हो गया जिसने पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय तक महिलाओं के हक हुकूक की बात को आगे बढ़ाया। यह सब ऐसे समय में हो रहा है जबकि देश में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिये जाने की बात की जा रही है। एक तरफ महिला नेताओं को ठिकाने लगाया जा रहा है, दूसरी तरफ नया नेतृत्व भी पैदा नहीं किया जा रहा है।

*बेलहर क्षेत्र कर्मा खुर्द में पहुंचा विकसित भारत संकल्प यात्रा रथ* बेलहर,संतकबीरनगरः ,सरकार की योजनाओं के संतृप्तीकरण के लिए आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के लिए ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ का विशेष प्रचार प्रसार गांव गांव में जाकर बैठक किया जा रहा है। इसी कड़ी में बेलहर विकास खण्ड क्षेत्र ग्राम कर्मा खुर्द खम्हरिया में आयोजित हुआ जागरूकता कार्यक्रम में ब्लाक से आये अधिकारियों कर्मचारियों ने भाग लिया ग्राम पंचायत अधिकारी सरवन पासवान ने बताया कि केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा दी जा रही कल्याणकारी योजनाओं सहित विभिन्न सुविधाओं को जो जनता तक पहुच रही है उसी उद्देश्य को लेकर ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा ’ चलाया जा रहा है। ग्राम प्रधान के सौजन्य से काफी लोग रहे उपस्थित इस दौरान ग्राम प्रधान सतेन्द्र यादव, ग्राम पंचायत अधिकारी सरवन पासवान, विकास दूबे, हीरा लाल वर्मा, प्रदीप कुमार उपाध्याय ,समाज कल्याण अधिकारी समेत अनेक लोग उपस्थित रहे।

संतकबीरनगरः जिले में क्षय रोग उन्मूलन के लिए पखवारे भर चले अभियान में 71 टीबी के रोगी चिह्नित किए हैं। इन रोगियों की दवाएं शुरू कर दी गई हैं। मरीजों के बाद उनके निकट रहने वाले लोगों की भी जांच की जाएगी ताकि पता चल सके कि परिवार का कोई और सदस्य तो संक्रमित नहीं है। इसी के साथ इन मरीजों का पूरा विवरण भारत सरकार को भेज दिया गया है। ताकि इन मरीजों के नाम से शासन से दवाएं आवंटित हो सकें। जिला क्षय रोग अधिकारी डा. एसडी ओझा ने बताया कि क्षय रोग उन्मूलन के लिए जिले की 20 फीसदी आबादी को चिह्नित किया गया था। अभियान चार लाख की आबादी पर चलाया जा रहा है। पांच दिसम्बर को अभियान समाप्त हुआ। अभी तक जिले में 538 नमूने संकलित किए हैं और इन नमूनों की जांच में 71 संक्रमित पाए गए हैं। जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनंद ने बताया कि पूरे नमूनों की जांच हो चुकी है। मरीजों की दवा शुरू कर दी गई चिन्हित क्षय रोगियों की जांच के लिए नियमित मानीटरिंग की जाएगी। ताकि मरीज दवाओं को न छोड़ें। इसके लिए समय समय पर काउंसलिंग भी जाएगी। घर पर स्वास्थ्य विभाग की टीम भी जाएगी और परिवार के लोगों से वार्ता करने के साथ ही मरीज के करीब रहने वाले परिवार के लोगों को भी दवाएं दी जाएंगी, ताकि परिवार का कोई दूसरा व्यक्ति संक्रमित न होने पाए।

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