उत्तरप्रदेश राज्य के गांव जंगलपुर ,ब्लॉक दीग के भदोही जिला से ममता देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि वह अचार बनाना सीखना चाहती है।

उत्तरप्रदेश राज्य के गांव जंगलपुर ,ब्लॉक दीग के भदोही जिला से धन्नो देवी ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि वह भैंस पालन कर रही है। उनको आर्थिक मदद की जरूरत है।

उत्तरप्रदेश राज्य के ब्लॉक दीग के भदोही जिला से पार्वती ,मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि वह गाय पालन कर रही है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला भदोही के ओराई ब्लॉक से कुसुम की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई।श्रोता यह बताना चाहती है कि वह भैंस पालन करती है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला भदोही के ब्लॉक अभोली से कुसुम की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से अनीता से हुई।अनीता यह बताना चाहती है कि वह खेती बाड़ी का काम करती है

उत्तरप्रदेश राज्य के जिला भदोही के ब्लॉक अभोली से कुसुम की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से हमारे श्रोता से हुई।श्रोता यह बताना चाहती है कि वह सिलाई का काम करती है।वह इसकी ट्रेनिंग भी ली हुई है।

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग प्रखंड से संदीप कुमार , उद्यमी वाणी के माध्यम से कहते है कि वो छोटे स्तर पर बकरी पालन कर रहे है।अब इसका विस्तार करना है और इसके लिए इन्हें प्रशिक्षण की आवश्यकता है

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग प्रखंड से गोविन्द प्रसाद की बातचीत उद्यमी वाणी के माध्यम से ग्राम जंगलपुर निवासी सत्यप्रकाश से हुई। सत्यप्रकाश कहते है कि किराना का दूकान खोलना चाहते है। इसके लिए इन्हें तीन लाख की पूंजी लगेगी और दूकान में वो तीन व्यक्ति को रोज़गार भी दे सकते है।

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग प्रखंड के कलनवा से रीता देवी की बातचीत उद्यमी वाणी के माध्यम से ग्राम दमनपुर निवासी नंदिनी से हुई। नंदिनी कहती है कि वो सिलाई का कार्य करना चाहती है।आर्थिक सहायता की ज़रुरत है

उत्तरप्रदेश राज्य के भदोही ज़िला के डीग प्रखंड से जीतेन्द्र कुमार की बातचीत उद्यमी वाणी के माध्यम से ग्राम जंगलपुर निवासी श्याम सुन्दर से हुई। श्याम सुन्दर कहते है कि वो नाश्ता का दूकान खोलना चाहते है। इसके लिए वो जगह चयनित कर चुके है। इसके खोलने के लिए 30 - 40 हज़ार रूपए पूंजी की आवश्यकता है। इनके पास 15 हज़ार है और बैंक से अगर पैसा मिलेगा तो वो लेंगे।नाश्ता का दूकान खोलने के लिए उन्हें सामग्री की बेहतर जानकारी के लिए प्रशिक्षण चाहिए।