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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया की ग्रामीण क्षेत्र में घरेलू हिंसा एक आम बात है। घरेलू हिंसा सभ्य समाज का एक कड़वा सच है । इस बात से कभी इनकार नहीं किया जा सकता है कि आज महिला आयोग की वेबसाइट पर दिए गए आंकड़ों से पता चलता है कि वास्तव में महिलाओं के खिलाफ घरेलू हिंसा की संख्या कई गुना अधिक है ।
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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से नीलम पांडेय ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पक्ष-विपक्ष कार्यक्रम में शामिल किये गए किसानों के मुद्दे,किसानों के लिए प्रेरणा श्रोत हैं। भारत सरकार को भारत रत्न देने के अलावा किसानों को उनके अधिकार भी देने चाहिए। किसानों की मांग है कि उनको अपने फसलों की उचित कीमत मिले। कई सरकारें आई और चली गई,मगर इस मांग को पूरी नहीं की गई। वर्तमान सरकार भी किसानों की मांगों को लेकर उदासीन दिख रही है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
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उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि पिछले कुछ दिनों में सरकार के साथ बातचीत विफल होने के बाद किसान अपनी मांगों को लेकर दिल्ली पहुँच गए ,लेकिन किसानों के इस कदम से एक विवाद छिड़ गया। इस बीच एक सवाल यह भी उठाया जा रहा है कि क्या किसानों की मांग प्रशासनिक है? इन मांगों को अभी तक पूरा नहीं किया गया है , जिसके कारण किसान फिर से सड़कों पर उतर आए हैं । क्या सरकार इनकी मांगे पूरी करने में असमर्थ हैं?या ये मांगें निर्थक हैं,जिनको पूरा नही किया जा सकता है। किसान लंबे समय से एम . एस . पी . को कानूनी रूप से लागू करने की मांग कर रहे हैं । इसकी मांगों को सबसे अधिक 2020-21 के किसान आंदोलन में उठाया गया था। सरकार ने इस पर विचार करने का आश्वासन दिया था,किसानों ने भी इस आश्वासन को स्वीकार कर लिया । बाद में सरकार ने इसके लिए एक समिति भी बनाई । बाद में इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। सरकार को किसानों पर ध्यान देना चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।
