उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से काजल सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि भीषण गर्मी का कहर जारी है, चिलचिलाती गर्मी और तपनभरी हवाओं ने हालत खराब कर रखी है। इस गर्मी के मौसम में शरीर को सेहतमंद रखने के लिए क्या करना चाहिए और क्या नहीं इस बात पर खास ध्यान रखना चाहिए। क्योंकि लू के चलते शरीर को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। घर से बाहर जाते समय ठंडा पानी पी कर निकलें साथ ही जेब में एक प्याज भी रख लें। पूरे दिन कम से कम दस से पंद्रह गिलास पानी से हीट स्ट्रोक से बचा जा सकता है। पानी पीने में कोताही ना बरतें, क्योंकि इस मौसम में हमारे शरीर का पानी पसीने के माध्यम से निकल जाता है। जिसके कारण व्यक्ति अक्सर कमजोर हो जाता है। जितना संभव हो सके मसालेदार तला हुआ, तीखा भोजन से बचें। धूप से बचने के लिए टोपी,चश्मे सनग्लास का प्रयोग करें। इसके साथ ही सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग कर बाहर निकलें। सूती वस्त्र का ही प्रयोग करें। सुबह की ठंडी और ताज़ी हवा का सेवन जरूर करें
साथियों, हमें बताएं कि क्या आपके क्षेत्र के सरकारी जिला अस्पतालों, उपस्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य केन्द्रों, आंगनबाडी में पानी की कमी है? क्या वहां प्रशासन ने पानी की सप्लाई व्यवस्था दुरूस्त नहीं की है? अगर अस्पताल में पानी नहीं मिल रहा है तो मरीज कैसे इलाज करवा रहे हैं? क्या पानी की कमी के कारण बीमार होते हुए भी लोग इलाज करवाने अस्पताल नहीं जा रहे? या फिर आपको अपने साथ घर से पानी लेकर अस्पताल जाना पड़ रहा है? अपनी बात अभी रिकॉर्ड करें, फोन में नम्बर 3 दबाकर.
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सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
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उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से पूजा यादव ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि पहले लड़कियों की शादी कम उम्र में करा दी जाती है ,इसमें लड़की कुछ कह भी नहीं पाती थी लेकिन अब लड़की अपने से अपने जीवन का निर्णय ले रही है
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उत्तरप्रदेश राज्य के जिला बलरामपुर से श्री देवी सोनी , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहती है कि जिस तरह से पुरुषों का अपनी जमीन पर अधिकार है, महिलाओं को उतने ही अधिकार हैं। अपने हर कर्तव्य के साथ, चाहे वह मजदूर के रूप में हो या कर्मचारी के रूप में या उद्यमी के रूप में या मालिक के रूप में, यह भी देखना आवश्यक है कि खेतों में काम करने वाला कौन है। कई मामलों में हमारे भारत जैसे देशों में, यह अक्सर देखा गया है कि गरीब और वंचित महिलाएं , पोषण और आर्थिक कठिनाई के लिए परिवार की जरूरतों को पूरा करने के लिए खेतों में काम करती है।
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