उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रिया से हुई। ये कहती है कि इन्हे बिस्कुट पैकिंग का व्यापार करना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रिया से हुई। ये कहती है कि इन्हे मैगी पैकिंग का कार्य करना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रिंशु पांडेय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से स्मिता वर्मा से हुई। ये कहती है कि इन्हे कोचिंग सेंटर खोलना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रिंशु पांडेय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रिया सिंह से हुई। ये कहती है कि इन्हे पिज़्ज़ा शॉप खोलना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रिंशु पांडेय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से स्वाति से हुई। ये कहती है कि इन्हे कोचिंग सेंटर खोलना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रांशु पांडेय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से ममता त्रिपाठी से हुई। ये कहती है कि इन्हे किराना स्टोर है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रांशु पांडेय की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से निधि श्रीवास्तव से हुई। ये कहती है कि इन्हे केक बनाने का व्यापार करना है। इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ जीव दास साहू टमाटर की नर्सरी तैयार करने की विधि के बारे में जानकारी दे रहें हैं। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें.
सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...
जी हाँ साथियों, शिक्षा का मानव जीवन में एक अलग महत्व है. शिक्षा ही एक मात्र ऐसा हथियार है जो न सिर्फ एक व्यक्ति के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाता है बल्कि समाज को एक सही रास्ता भी दिखाता है। शिक्षा से समाज में फैले अंधकार को मिटाया जा सकता है। शिक्षा हर वर्ग के लोगों के लिए जरूरी है. हरेक वर्ग को शिक्षा के महत्व को समझाने के उद्देश्य से विश्व साक्षरता दिवस मनाया जाता है।दुनिया भर में साक्षरता दर को बढ़ावा देने के उदेश्य से और सभी को शिक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए यूनेस्को ने 7 नवंबर 1965 में इस दिन को मनाने का पहल किया। इसके बाद 8 सितंबर 1966 को पहली बार विश्व साक्षरता दिवस मनाया गया और तब से लेकर हर वर्ष 8 सितंबर को साक्षरता दिवस मनाया जाता है. तो साथियों, आइये हम सब मिलकर शिक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करने का प्रण लें और इस पहल में अपना योगदान दें। आप सभी श्रोताओं को समस्त मोबाइल वाणी परिवार की ओर से विश्व साक्षरता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
