उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से आरती से हुई।आरती कहती है कि उन्हें अगरबत्ती का व्यापार करना है। और इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रौशनी से हुई।रौशनी कहती है कि महिलाओं को भूमि अधिकार प्राप्त करने के लिए शिक्षित होना ज़रूरी है। अगर वो शिक्षित होगी तो उनका समाज में सम्मान होगा। महिला को कमज़ोर समझना नासमझी होगी क्योंकि महिला आगे बढ़ रही है ,पुरुषों से कन्धा से कन्धा मिला कर चल रही है।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शिवानी से हुई।शिवानी कहती है कि उन्हें सेवई पैकिंग का काम करना है। और इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से शालु से हुई।शालु कहती है कि उन्हें माला पैकिंग का काम करना है। और इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से विभा की बातचीत मोबाइल वाणी के माध्यम से रौशनी से हुई।रौशनी कहती है कि उन्हें मैगी पैकिंग का काम करना है। और इसके लिए इन्हे आर्थिक सहयोग चाहिए।
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से प्रियंका से बातचीत किया। बातचीत के दौरान प्रियंका ने बताया कि महिलाओं को संपत्ति का अधिकार मिलना चाहिए। अगर महिलाओं को अधिकार मिलेगा तो महिलाएं आत्मनिर्भर और सशक्त बनेगी। महिलाओं को उनका अधिकार दिलवाने के लिए सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रियंका सिंह ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि भूमि और संपत्ति का स्वामित्व महिला को सशक्त बनाता है और उन्हें आय और सुरक्षा भी प्रदान करता है। भूमि जैसे संसाधन के बिना महिलाओं के पास घरेलु निर्णय लेने में सीमित अधिकार होता है। और संकट के समय समाधान का कोई सहारा नहीं होता है। महिलाओं को भेदभाव से मुक्त रहने का अधिकार ,शिक्षा ,स्वाथ्य का अधिकार ,संपत्ति का स्वामित्व का अधिकार आदि मिलना चाहिए
उत्तरप्रदेश राज्य के बलरामपुर ज़िला से प्रियंका सिंह ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि भूमि लोगों की पहचान का एक महत्वपुर्ण साधन है ,उन साधनों पर जहाँ भूमि अधिकार मिलना सामान्य बात है। महिला को स्वतंत्र अधिकार न देना उन्हें एक व्यक्ति के रूप में अदृश्य बना देता है।इसी तरह यह सभी मौजूदा विरासत कानूनी बाइनरी भाषा में लिखा जाता है। यह समुदाय के लिए उन्हें भूमि अधिकार में दावा करने का गुंजाईश कम कर देता है। जब महिलाओं को उचित सम्मान नहीं देते है तो उनकी पहचान खोने का खतरा पैदा होता है और इसका सीधा प्रभाव उनके आजीविका ,आवास ,सुरक्षा और जीवन की गुणवत्ता पर पड़ता है। इसीलिए भूमि अधिकार पर काम करते समय महिला को पहले स्वतंत्र व्यक्ति के तौर पर मान्यता देना होता है
आपका पैसा आपकी ताकत की आज की कड़ी में हम सुनेंगे लोन लेने के विषय में किन किन बातों का ध्यान रखना चाहिए
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