उत्तर प्रदेश राज्य के बलरामपुर जिला से प्रियंका सिंह ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि हमारे देश में महिलाओं की स्थिति में बदलाव आया है, लेकिन गांव की महिलाओं में यह बदलाव ज्यादा नहीं देखा जा रहा है।अनपढ़ होने के कारण पारिवारिक वित्तीय समस्याएं उनके जीवन का हिस्सा बन जाती हैं। भारत में महिलाओं को उनके अनुसार ना जीने नही दिया जाता है और ना ही कार्य करने दिया जाता है । उनकी जीवन शैली और आदतों को उनके चरित्र से जोड़ा जाता है ।आधुनिक समाज में महिलाओं को समस्याओं का सामना करना पड़ता है। महिला शिक्षित होती है, उसके पास नौकरी होती है और कभी-कभी परिवार, विशेष रूप से विवाहित महिला, भी नौकरी की उम्मीद करती है। अधिकांश भारतीय परिवारों में महिला से घर के सभी काम करने की उम्मीद की जाती है। यह उम्मीद की जाती है कि वे एक आदर्श बहू बन जाएँ और घर के सभी काम अच्छे से करें। जैसे अच्छा खाना बनाना , घर को पूरी तरह से साफ-सुथरा रखना, आदि ।भारतीय समाज में कुछ बदलाव की आवश्यकता है।महिलाओं से घर के साथ बाहर के काम की उम्मीद रखने वाले पुरुषों को भी बाहर के काम के साथ घर के काम करने चाहिए। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।