"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ मटर की फसल में कीट नियंत्रण की जानकारी दे रहे है। अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें

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उत्तरप्रदेश राज्य के लखनऊ ज़िला से लेखराम ,मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि राजधानी के दुबग्गा से बिठौली जाने वाली मार्ग के किनारे एक दो जगह पर लोगों ने पॉलिथीन का कचरा डाल रखा है ,जिसको आवारा गोवंश खुलेआम खाते हुए देखे जा रहे हैं यह देखते हुए भी शहर के जिम्मेदार अधिकारी और विभाग इसको नजरअंदाज कर रहे है।

हंसने-हंसाने से इंसान खुश रहता है, जिससे मानसिक तनाव, चिंता और डिप्रेशन कम होता है। दोस्तों, उत्तम स्वास्थ्य के लिए हंसी-मज़ाक बहुत ज़रूरी है। इसीलिए मोबाइल वाणी आपके लिए लेकर आया है कुछ मजेदार चुटकुले, जिन्हें सुनकर आप अपनी हंसी रोक नहीं पाएंगे। हो जाइए तैयार, हंसने-हंसाने के लिए...

दोस्तों, भारत के ग्रामीण विकास मंत्रालय द्वारा जारी एक रिपोर्ट से यह पता चला कि वर्तमान में भारत के करीब 6.57 प्रतिशत गांवों में ही वरिष्ठ माध्यमिक कक्षा 11वीं और 12वीं यानी हायर एजुकेशन के लिए स्कूल हैं। देश के केवल 11 प्रतिशत गांवों में ही 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के लिए हाई स्कूल हैं। यदि राज्यवार देखें तो आज भी देश के करीब 10 राज्य ऐसे हैं जहां 15 प्रतिशत से अधिक गांवों में कोई स्कूल नहीं है। शिक्षा में समानता का अधिकार बताने वाले देश के आंकड़े वास्तव में कुछ और ही बयान करते हैं और जहां एक तरफ शिक्षा के क्षेत्र में उन्नति समाज की प्रगति का संकेत देती है, वहीं लड़कियों की लड़कों तुलना में कम संख्या हमारे समाज पर प्रश्न चिह्न भी लगाती है? वासतव में शायद आजाद देश की नारी शिक्षा के लिए अभी भी पूरी तरह से आजाद नहीं है। तब तक आप हमें बताइए कि * ------क्या सच में हमारे देश की लड़कियाँ पढ़ाई के मामले में आजाद है या अभी भी आजादी लेने लाइन में खड़ी है ? * ------आपके हिसाब से लड़कियाँ की शिक्षा क्यों नहीं ले पा रहीं है ? लड़कियों की शिक्षा क्यों ज़रूरी है ? * ------साथ ही लड़कियाँ की शिक्षा के मसले पर आपको किससे सवाल पूछने चाहिए ? और इसे कैसे बेहतर बनाया जा सकता है ?

राजधानी के विकासखंड माल की ग्राम पंचायत सैदपुर में सामुदायिक शौचालय 2 साल से अधिक समय से बंद पड़ा है क्योंकि इस शौचालय में आज तक टैंक में कनेक्शन नहीं किया गया है जिससे यह शौचालय अभी तक चालू नहीं हो सका है।

राजधानी के तहसील मलिहाबाद क्षेत्र की नहरो में संडीला ब्रांच से पानी आता है इसलिए यदि संडीला ब्रांच की सफाई नहीं की गई है या उसमें से सिल्ट नहीं हटाई गई है तो माइनरोंमाइनमम्मे में पानी कैसे पहुंचेगा। इस पर विचार किए बिना ही सफाई कर दी और रजबहों की भी सफाई पूरी तरह से नहीं कराई।

राजधानी के विकास खंड माल अंतर्गत माल दुबग्गा रोड से मुसरिहन खेड़ा जाने वाले संपर्क मार्ग पर कई वर्ष से लेपन कार्य नहीं किया गया है जिससे इस मार्ग से डामर और गिट्टी गायब हो चुकी है सिर्फ पत्थर दिखाई पड़ते हैं यह मार्ग गौरैया मार्ग तक जाता है अधिकारी इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं इसलिए सरकार को इस पर ध्यान देने की जरूरत है।