खट्टी-मीठी यादों के साथ 26.12.23 को सरकारी स्तर पर संपन्न हो जाएगा सोनपुर का मेला विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सह सारण के प्रभारी सुमित कुमार सिंह करेंगे मेला का समापन सोनपुर । जिस तामझाम और धूमधाम से मेले का शुभारंभ किया गया था ठीक उसी अंदाज और उत्सवी माहौल में अपनी खट्टी मीठी यादों के साथ मंगलवार को विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला का सरकारी स्तर पर 32 दिन चलने के बाद समापन हो जाएगा। समापन कार्यक्रम संध्या 4.30 बजे से होगा जिसमें विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री सह सारण जिला प्रभारी मंत्री सुमित कुमार सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करते हुए सरकारी स्तर पर मेला का समापन करेंगे । इस समापन कार्यक्रम में कला संस्कृति एवं युवा विभाग के मंत्री जितेन्द्र कुमार राय तथा श्रम मंत्री सुरेन्द्र राम के अलावे अन्य मंत्री ,पर्यटन विभाग के पदाधिकारी समेत जिले के सांसद व विधायक सहित अनेक वरीय पदाधिकारी शिरकत करेंगे। इस बात की जानकारी देते हुए सारण डीएम अमन समीर ने सोमवार के शाम बताया कि इसके पहले मेला कैंप में 20 सूत्री की बैठक 1:30 बजे दिन में आयोजित की जायेगी । मेला का समापन 4:30 बजे से आयोजित हुआ । मेले का समापन कार्यक्रम के पूर्व मेला समापन समारोह के अवसर पर मेले में उत्कृष्ट सरकारी एवं गैर सरकारी प्रदर्शनियों तथा मेले के संचालन में अहम भूमिका निभाने वाले को पुरस्कृत भी किया जाएगा। मेले का तो सरकारी स्तर पर समापन हो जाएगा लेकिन मेलार्थियों की भीड़ काफी बढ़ी हुई है । इस 32 दिन तक चलने वाली मेले में करीब 1 करोड लोग राज्य व राज्य से बाहर से आए और मेले में गजब उमंग और उत्साह का माहौल देखा जा रहा है । मेले में भीड़ प्रतिदिन बढ़ रही है कि लोगों को एक दूसरे को धक्का देकर आगे बढ़ रहे हैं और मेला का आनंद ले रहे हैं ।
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सोनपुर जिस तामझाम और धूमधाम से मेले का शुभारंभ किया गया था ठीक उसी अंदाज और उत्सवी माहौल में अपनी खट्टी मीठी यादों के साथ कुछ कही कुछ सुनी के साथ मंगलवार के शाम विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला का सरकारी स्तर पर 32 दिन चलने के बाद समापन हो गया । समापन समारोह को संबोधित करते हुए बिहार सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के मंत्री सुमित कुमार सिंह ने कहा कि अगले वर्ष मेला शुरू होने के 6 महीने पहले रोड मैप बना लिया जाएगा । समर्थवान लोग गोवा और बाहर के राज्य मे जाते है लेकिन जो बाहर नही जाते वैसे लोगो के लिए भी मेले को सुव्यवस्थित करते है। उद्घाटन समारोह के दौरान ही मैंने कहा था कि मेले के विकास मे सभी की सहभागिता हो। स्थानीय विधायक को भरोसा दिलाते है कि अगले वर्ष और बेहतर ढंग से मेले का आयोजन किया जाएगा। इसके लिए सरकार के स्तर पर लगातार प्रयास किए जा रहे है। मेले का अपना धार्मिक अध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व है । मेले का बेहतर आयोजन के लिए पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन बधाई के पात्र है। मेले मे आने वाले लोग बेहतर अनुभव लेकर जाए यह प्रयास होना चाहिए। इसके पहले उन्होने विधायक रामानुज प्रसाद के मेला से संबंधित सवालो का जवाब देतै हुए कहा कि सभी के सहयोग से मेला का विकास सम्भव है । समापन समारोह के दौरान सोनपुर विधायक डा. रामानुज प्रसाद ने कहा कि यह सोनपुर मेला हमारी पहचान है व शान है रोजी रोटी से भी जुड़ा हुआ है। मेला मे प्रतिदिन लाखो लोग आए और मेला बेहतर रहा लेकिन प्रशासनिक व्यवस्था में काफी कमी रही । विश्व प्रशिद्ध मेले को ग्रामीण मेला बना दिया गया। मेला कमिटी पहले भी हुआ करता था वैशाली और सारण जिले के पदाधिकारीगण और स्थानीय लोग की संयुक्त बैठक होता था ।किसी को निमंत्रण कार्ड उद्घाटन समारोह और समापन समारोह का नही मिला । यह सबसे दुखद बात है। मेला के बेहतरी के लिए पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन ने कभी मशवरा नही लिया । यह मेला हमलोगो का धरोहर है। पत्रकारो से भी सलाह नही लिया गया। साफ-सफाई सबसे बदतर रहा कोई सुनने वाला नही था। मेला अवधि का विस्तार हो। मेला में सरकारी स्तर पर लगायी गयी प्रदर्शनी पांच का उद्घाटन ही नही हुए और समापन के दो तीन दिन पहले पंचायतीराज विभाग के प्रदर्शनी का उद्घाटन हुआ यह ठीक नही है । सोनपुर विधायक ने कहा कि पहले उद्घाटन और समापन में जिला राज्य के विभागीय मंत्री से लेकर हर विभाग के पदाधिकारी आते थे लेकिन मेला में अब न हीं विभागीय मंत्री आ रहे हैं न हीं राज्य के विभागीय अधिकारी आ रहे हैं यहां तक कि मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री से होता था लेकिन इस मेले की नजर लग गई है कि मेला विकसित के जगह सिमटती जा रही है । विश्व का यह मेला अब जिला का मेला बन गया है जो चिंता का विषय बना हुआ है। हर साल करोड़ों रुपए खर्च पंडाल बनाने एवं अन्य कार्यों में होती है अगर इसे स्थाई किया जाए तो उससे करोड रुपए की बचत होगी और मेला विकसित होगा । मेला का विस्तार के साथ मेला के तिथि में बढ़ोतरी करने की जरूरत है क्योंकि मेला भले ही 32 दिन के लगती है लेकिन यह मेला 3 माह तक चलती है ऐसे में मेले में साफ सफाई ,सुरक्षा व्यवस्था, बिजली ,पानी और व्यापारियों ,मेलार्थियों की किसी तरह की कठिनाई न हो इस पर प्रशासन और सरकार को ध्यान देने की जरूरत है क्योंकि यह मेला इस क्षेत्र के लिए रोजी रोजगार और जीवकोपार्जन का साधन है । ज़्यादा जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें।
सीआईएसएफ के द्वारा पिपरवार क्षेत्र के बचरा कैंप में मेरी क्रिसमस डे मनाया गया। जिसकी शुरुआत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित सीआईएसएफ के कमांडेंट संदीप कुमार एस ने कैंडल जलाकर किया, केक काटा गया। इस कार्यक्रम के दौरान जवानों के द्वारा कैंप परिसर में क्रिसमस ट्री भी सजाया गया, जिसके चारों तरफ सभी जवानों ने खड़े होकर हैप्पी क्रिसमस डे मनाते हुए एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी। मेरी क्रिसमस डे पर उपस्थित सभी लोगों के बीच मिठाई का वितरण किया गया। इस अवसर पर डिप्टी कमांडेंट उपेन्द्र सिंह, डिप्टी कमांडेंट मृत्युंजय स्वामी, असिस्टेंट कमांडेंट, इंस्पेक्टर सुमन तिवारी समेत अन्य अधिकारी और जवान उपस्थित थे।
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विश्व प्रसिद्ध हरिहर क्षेत्र सोनपुर मेला जो मुगल कल के पहले से ही मेला लगती चली आ रही है । इस मेले के देखने के लिए राज्य ही नहीं अन्य राज्य के साथ-साथ देश विदेश के लोग भी पहुंचते हैं और मेला के हर दृश्य को कमरे में कैद करते हैं। सोनपुर मेला की चमक ही ऐसी है कि सभी को अपनी ओर आकर्षित कर लेती है ।
"गांव आजीविका और हम" कार्यक्रम के तहत हमारे कृषि विशेषज्ञ पपीता के पेड़ का विकास कम हो रहा है तो क्या करना चाहिए इसकी जानकारी दे रहे है । अधिक जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें
बिहार में भले ही शराबबंदी लागू है लेकिन शराब बेचने वाले, शराब पीने वाले, शराब के निर्माण करने वाले इस धंधे को छोड़ नहीं रहे हैं । इसका मुख्य कारण कम लागत में मुनाफा ज्यादा होने के कारण धंधेवाज इस धंधे में संलिप्त है। ऐसा ही मामला सोनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत सबलपुर सुखदेव घाट पर नाव से भारी मात्रा में शराब धंधेवाज 188 कार्टून अंग्रेजी शराब लेकर कहीं आने जगह खपाने के लिए ले जा रहा था ।
सोनपुर में वर्ष 2008 में शुरू हुई कम्यूनिटी पुलिस अपनी कार्यशैली से और स्वयंसेवक, बग़ैर वेतन काम करने वाले नौजवानों की टोली सोनपुर मेला घूमने आए लोगों के चेहरे पर मुस्कान बिखेर देती है। मेला क्षेत्र में मेलार्थी को यातायात नियंत्रण करने व खोए हुए व्यक्ति को मिलाने के अलावा पॉकेट मारो द्वारा मेलार्थी का पैसा,पर्स, मोबाईल को मिलाने या पुलिस सहायता प्रदान करने में अहम भूमिका निभा रही हैं ।
सुनिए एक प्यारी सी कहानी। इन कहानियों की मदद से आप अपने बच्चों की बोलने, सीखने और जानने की समझ बढ़ा सकते है। ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? क्या आपके पास भी कोई नन्ही कहानी है? हमें बताइए, फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।
