बिहार राज्य के जिला सारण से अजय कुमार , मोबाइल वाणी के माध्यम से यह बताना चाहते है कि थैलासीमिया रक्त से संबंधित एक गंभीर बीमारी है। आपको बता दें कि थैलासीमिया रक्त से संबंधित एक गंभीर बीमारी है जो रक्त कोशिकाओं को कमजोर कर देती है और विनाश के कारण होती है। यह देखा गया है कि बच्चों को तीन से छह महीने के बाद ही इस बीमारी का पता चलता है, जिससे बच्चे के शरीर में खून की कमी हो जाती है। हालाँकि समय पर इलाज न मिलने से बच्चे की मृत्यु हो सकती है, लेकिन इस गंभीर बीमारी की ओर आम जनता का ध्यान आकर्षित करने के लिए हर साल 8 मई को विश्व थैलासीमिया दिवस के रूप में मनाया जाता है। थैलासीमिया से पीड़ित रोगियों को सामान्य रक्त के रूप में प्रदर्शित किया जाता है और रोगियों को इनके बारे में जानकारी दी जाती है,

सुनिए डॉक्टर स्नेहा माथुर की संघर्षमय लेकिन प्रेरक कहानी और जानिए कैसे उन्होंने भारतीय समाज और परिवारों में फैली बुराइयों के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाई! सुनिए उनका संघर्ष और जीत, धारावाहिक 'मैं कुछ भी कर सकती हूं' में...

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आइये जानते है अलग अलग कीड़ों के बारे में |ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

सीखना है बहुत ज़रूरी, और बच्चे सबसे जल्दी चीज़ें सीखते है | इसीलिए उनके आसपास का माहौल अच्छा होना चाहिए | सुनिए इस कहानी को, और जानिये कहाँ से और किस तरह से बच्चे एक दुसरे से सीखते है |

किताबों की दोस्ती से मिलती है बहुत सारी जानकारी | इसीलिए बच्चों का किताबों के प्रति लगाव होना है ज़रूरी | तो सुनिए इस कहानी को और समझिये बच्चों और किताबों की दोस्ती के बारे में |

राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत जरूरतमंदों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने में आरबीएसके टीम का अहम योगदान रहा। सिविल सर्जन ने बताया कि बच्चों में जन्मजात दोष या दिल में छेद जैसी बीमारियों का आरबीएसके द्वारा निःशुल्क ऑपरेशन कराया जाता है ।

साथियों, बच्चे बड़ों को देखकर ही काफी कुछ सीखते और समझते है | इसीलिए जिस माहौल में हम उन्हें ढालेंगे, बच्चे वैसे ही बनेंगे | ये कहानी भी इसी बात से प्रेरित है, इसे सुनियेगा ज़रूर |दोस्तों, इस कहानी से हमे ये सीखने मिलता है कि बच्चे बडों को देखकर बहुत कुछ सीखते हैं.. चलिए तो अब आप हमें बताएं कि आप बच्चों के सामने व्यवहार किस तरह से करते हैं? किन बातों का ध्यान रखते हैं? अपनी बात हम तक पहुंचाने के लिए फोन में अभी दबाएं नम्बर 3.

छुट्टी का दिन होता है बच्चों के लिए बहुत मजेदार, जहाँ करते है वो खूब मस्ती | सुनिए इस कहानी को और हमें बताइए आपके बच्चे किस तरह की मस्ती करते है |ये कहानी आपको कैसी लगी? क्या आपके बच्चे ने ये कहानी सुनी? इस कहानी से उसने कुछ सीखा? अगर आपके पास भी है कोई मज़ेदार कहानी, तो रिकॉर्ड करें फ़ोन में नंबर 3 का बटन दबाकर।

मनरेगा में भ्रष्टाचार किसी से छुपा हुआ नहीं है, जिसका खामियाजा सबसे ज्यादा दलित आदिवासी समुदाय के सरपंचों और प्रधानों को उठाना पड़ता है, क्योंकि पहले तो उन्हें गांव के दबंगो और ऊंची जाती के लोगों से लड़ना पड़ता है, किसी तरह उनसे पार पा भी जाएं तो फिर उन्हें प्रशासनिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। इस मसले पर आप क्या सोचते हैं? क्या मनरेगा नागरिकों की इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम हो पाएगी?