बिहार राज्य से अंजलि कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से बोल रही हैं की दिव्यांग लोग को हमेशा आगे बढ़ने के लिए हिम्मत और हौसला देना चाहियें उन्हें कभी दिव्यांगता का अनुभव नहीं होने देना चाहियें जैसे की हम एक वयक्ति हैं उसी तरह वो भी एक वैयक्ति हैं जिस तरह हम पढ़ाई करते हैं उसी तरह दिव्यांग भी पढ़ाई कर सकते हैं जिस तरह हमे खुल कर जीने का अधिकार है मनचाहा खाना खाना कपडा पहनना पढ़ाई करना और नौकरी करना उसी तरह दिव्यांग भी कर सकते हैं अगर हम सोचते हैं की दिव्यांग कोई काम नहीं कर सकते हैं तो ये गलत है जैसे की हम सामान्य होकर भी कोई नौकरी नहीं करते हैं और दिव्यांग होकर भी वो नौकरी करते हैं तो लोग हमारी तारीफ ना करके उनकी तारीफ करते हैं तो ऐसे में सामान्य लोग अपने आप को कमजोर और बदनसीब समझते हैं।

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बिहार राज्य के मुजफ्फरपुर जिले से आरती कुमारी मेरी पंचायत मेरी शक्ति के माध्यम से यह कहती हैं कि उन्हें नीलिमा की सुनकर बहुत अच्छा लगता है और वे भी पढ़ लिख कर पुलिस बनना चाहती हैं

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बिहार राज्य के सारण जिला के रुबाना पंचायत से काजल कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहती है कि वह इंटर फाइनल कर चुकी है और अभी ग्रेजुएशन पार्ट -1 में नामांकन कराने को अपने माता पिता को कहा तो उन्होंने कहा की तुम्हे पढ़ाई कर के क्या करना है आखिर बाद में तो चूल्हा चौक्का ही करना है। इस दौरान उनकी शादी तय हो गयी परन्तु उनका मन आगे पढ़ने का था इसलिए वह आकांक्षा सेवा सदन में गयी और निराला दी को अपनी समस्याएं बतायी कि उनकी इच्छा पढ़ने की है और घर वाले शादी कराना चाहते है इस बात को सुनने के बाद आकांक्षा सेवा सदन वाले उनके घर वालों को समझाया और आखिरकार शादी रुकवा दी गयी।उनका कहना है कि शादी रुक जाने के बाद समाज वाले उनके बारे में अनेक प्रकार की बातें करने लगे परन्तु वह समाज की बातों को छोर अपनी पढ़ाई को जारी रखा है और अब बहुत खुश है।

बिहार राज्य से अनु कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहतीं है,कि आकांक्षा सेवा सदन से जुड़ने के बाद उन्हें बहुत कुछ सिखने का मौका मिला है। पढ़ लिख कर कुछ बनना चाहतीं हैं

बिहार राज्य के वैशाली जिला के खरौना पंचायत से ज्योति कुमारी मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहतीं है, कि नीलिमा की कहानी सुन कर उनमे बहुत बदलाव आया है ,उनके माता पिता उनकी शादी करना चाहते थे इस लॉक डाउन में परन्तु उनको अपनी पढ़ाई करनी थी, आगे की घर वाले मान नहीं रहे थे। आशा संस्था की हेड आकांक्षा सेवा सदन की हेड को अपनी बात बतायी और उन्होंने उनके माता पिता को समझाया अब उनकी शादी रुक गयी है

बिहार राज्य के वैशाली जिला के खरौना पंचायत से ज्योति कुमारी जो आकांक्षा सेवा सदन से जुड़ी हुई हैं मोबाइल वाणी के माध्यम से ये कहना चाहतीं है, कि नीलिमा की कहानी सुन कर उनमे बहुत बदलाव आया है ,बैठक में जाने से बहुत सी बातों की जानकारी मिलती है। जेंडर भेदभाव के बारे में जानकी मिली उनके माता पिता उनकी शादी करना चाहते थे, इस लॉक डाउन में परन्तु उनको अपनी पढ़ाई करनी थी आगे की और घर वाले मान नहीं रहे थे। आशा संस्था की हेड आकांक्षा सेवा सदन की हेड को अपनी बात बतायी और उन्होंने उनके माता पिता को समझाया तो अब उनकी शादी रुक गयी है

बिहार राज्य के वैशाली जिला से जाया पति मोबाइल वाणी के माध्यम से ये बताना चाहतीं है,कि क्या बेटियों को इसलिए जन्म दिया जाता है ,ताकि आगे चल कर पुरुषों द्वारा अत्याचार सहें उनकी हिंसा का शिकार बने ,क्या बेटियों को इसलिए जन्म दिया जाता है ताकि बड़ी हो कर घर के काम करें, दूसरे के घर की रौनक़ बनें ,क्या बेटियों को बढ़ लिख कर आगे बढ़ने का कोई अधिकार नहीं है।क्या यह अधिकार सिर्फ बेटों के लिए है। हम सब मिल कर प्रण लेते है, कि अपने समाज से हिंसा को दूर करें।