देश में जारी कोरोना संकट के बीच इंटरनेट और सोशल मीडिया पर फर्जी खबरों का चलन बढ़ गया है. सरकार की तरफ से फर्जी खबरों पर यकीन नहीं करने की बार-बार अपील भी की जाती रही है. ताजा दावा कोरोना वैक्सीन को लेकर किया जा रहा है. एक व्हाटसएप फॉरवर्ड मैसेज में यह दावा किया जा रहा है कि देश में कोरोना की एक वैक्सीन बनकर तैयार हो गई है. पीआईबी की फैक्ट चेक में यह दावा फर्जी पाया गया.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

सुप्रीम कोर्ट का कहना है कि कोविड-19 मरीजों के मकान के बाहर पोस्टर लग जाने के बाद उनके साथ अछूतों जैसा व्यवहार हो रहा है और यह एक अलग तरह की जमीनी हकीकत बयान करता है. केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि कोरोना मरीजों के घर के बाहर पोस्टर लगाने का उद्देश्य उनके साथ भेदभाव करना नहीं, बल्कि यह अन्य लोगों की सुरक्षा की मंशा से किया गया था.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

दोस्तों, गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम सुनेंगे कमाल का रूमाल । आइये सुनते है गुगली और चमकी की चटपटी बातें। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने इस कहानी को ।

भारत सरकार मध्याह्न भोजन यानी मिड-डे मील योजना के तहत सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को दिन में एक समय का गर्म खाना प्राप्त होता है. केंद्र सरकार गेहूं-चावल के साथ प्रति बच्चे पर 4.5-7 रुपये प्रति दिन की राशि खर्च करती है. स योजना में खाना पकाने और हेल्पर के रूप में 25 लाख महिलाओं को रोजगार मिल रहा है. इसका मतलब यह नहीं कि इसमें सुधार की गुंजाइश नहीं. बीच-बीच में खबर आती रहती है कि दूध या दाल को पानी में घोलकर बच्चों को परोसा जाता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

सुप्रीम कोर्ट ने को केंद्र और राज्यों को निर्देश दिया कि वे कोविड-19 को लेकर आंगनवाड़ी के संबंध में जारी दिशानिर्देशों के क्रियान्वयन को लेकर हलफनामा दायर करें. लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में दायर एक याचिका की सुनवाई के दौरान जस्टिस अशोक भूषण, आर. सुभाष रेड्डी और एमआर शाह की पीठ ने कहा, ‘भारत सरकार 11 नवंबर 2020 को जारी दिशानिर्देशों को लागू किए जाने को लेकर विस्तृत हलफनामा दायर करे.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

केंद्र के नए कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ देश भर में पिछले डेढ़ महीने से किसानों का आंदोलन चल रहा है. अब किसान राजधानी दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी कर रहे हैं. 26 नवम्बर की सुबह से किसान पटियाला-अंबाला हाईवे के बैरिकेड को तोड़ते हुए और वॉटर कैनन व आंसू गैस झेलते हुए आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे थे. ऐसे में यूथ कांग्रेस ने कुछ तस्वीरें हाल के प्रदर्शन से जोड़कर शेयर कीं।विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

तीन विवादित कृषि विधेयकों के खिलाफ किसानों के दिल्ली चलो मार्च से अलग भाजपा की अगुवाई वाली एनडीए सरकार की आर्थिक और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ विभिन्न मजदूर संगठनों के आह्वान पर गुरुवार को एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल का देश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक असर देखने को मिला। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर। 

दोस्तों, गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम सुनेंगे दोस्त और दोस्ती क्या होती है। आइये सुनते है गुगली और चमकी की चटपटी बातें। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने इस कहानी को ।

आज अर्थशास्‍त्र विषय में शिक्षक डॉक्टर विजय कुमार द्वारा सुने अल्पकालीन संतुलन उत्पादन , उत्पादन संतुलन विश्लेषण का क्लासिकल एप्रोच और कैल्शियन एप्रोच के बारे में ।जल्दी से क्लिक करे ऑडियो पर और सुने आज की कड़ी।

पश्चिम बंगाल से राजू राधा ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया उन्हें चिराग वाणी सुनने में बहुत अच्छा लगता है। उन्हें इससे बहुत अच्छी जानकारी मिलती है। उन्होंने बताया कि कोरोना वायरस से बचने के लिए घर से बाहर जाने पर सावधानी बरतें