देश के कुछ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में कोरोना वायरस के बढ़ रहे मामलों पर संज्ञान लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नए दिशानिर्देश जारी किए. नए दिशानिर्देश एक दिसंबर से लागू होंगे और 31 दिसंबर तक प्रभावी रहेंगे. इन नए दिशानिर्देशों के मुताबिक, राज्यों को अपने यहां के हालात के हिसाब से नाइट कर्फ्यू जैसे फैसले लेने के अधिकार होंगे, लेकिन केंद्र से चर्चा किए बगैर वे कंटेनमेंट जोन से बाहर लॉकडाउन का फैसला नहीं ले पाएंगे। विस्तृत जानकारी के लिए ऑडियो पर क्लिक करें। 

केंद्र सरकार के तीन नए कृषि बिल और प्रस्तावित इलेक्ट्रिसिटी बिल, 2020 के खिलाफ किसानों की गोलबंदी और रैली की गतिविधि तेज हो गई है. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के हजारों किसानों ने 25 नवंबर, 2020 को राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए कूच कर दिया है. किसान संगठनों ने पहले से ही 26 नवंबर, 2020 को नए कृषि बिलों के विरुद्ध अपनी मांगों को लेकर दिल्ली चलो नारे के साथ एकत्र होने का ऐलान किया था. अब तक मिली जानकारी के अनुसार करीब 2 लाख से ज्यादा किसान समूचे भारत से दिल्ली चलो नारे के साथ आगे बढ़ रहे हैं.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

बिहार राज्य के जमुई जिला से ऋतू कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि कोरोना वायरस बहुत ज्यादा बढ़ रहा। इसलिए हमे मास्क लगाकर घर में ही रहना चाहिए। घर से बाहर ना जायें यदि बाहर जायें तो मास्क लगाकर ही जायें

देशभर के मज़दूर और अन्य कामगार वर्ग 26 नवंबर को देशव्यापी हड़ताल की तैयारी कर रहे हैं. इस कड़ी में संघ समर्थित मज़दूर संगठन भारतीय मज़दूर संघ को छोड़कर सभी दस सेंट्रल ट्रेड यूनियन इस हड़ताल के समर्थन में हैं.ओडिशा में भी सभी सेंट्रल ट्रेड यूनियन, स्वतंत्र फेडरेशन और कर्मचारी यूनियन इस हड़ताल की तैयारी में लगे हुए थे. इस बीच 23 नवंबर सोमवार को विपक्ष के कड़े विरोध के बीच, ओडिशा सरकार ने आवश्यक सेवा (रख-रखाव) अधिनियम (एस्मा ) संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित कर दिया, जिसमें हड़ताल करने वाले सरकारी कर्मचारियों के लिए कारावास की सजा का प्रावधान किया गया है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

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संसद की एक समिति ने कोरोना महामारी के कारण स्वास्थ्य पर अप्रत्याशित खर्च के चलते कई परिवारों के गरीबी रेखा से नीचे जाने की संभावनाओं को लेकर चिंता जाहिर की है. संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि लॉकडाउन के दौरान हॉस्पिटल के कई विभागों को बंद करने के कारण स्वास्थ्य सुविधाएं काफी प्रभावित हुई हैं और इसका सबसे ज्यादा खामियाजा महिलाओं को उठाना पड़ा है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

देश की अधिकांश सार्वजनिक औद्योगिक ईकाईयों के अलावा अनेक छोटे बड़े निजी उद्योग संस्थानों से भरे झारखंड प्रदेश में आगामी 26 नवंबर को होने वाली देशव्यापी मजदूर–हड़ताल को सफल बनाने की तैयारियां ज़ोरों पर हैं. झारखंड महासचिव शुभेन्दु सेन कहते हैं कि झारखंड और देश के मजदूरों को जो बार-बार हड़ताल पर जाने की जो नौबत आ रही है इसके लिए सिर्फ और सिर्फ केंद्र की केन्द्र सरकार ज़िम्मेवार है. जिसने देश के हर तबके के साथ साथ मजदूर वर्ग के लिए तबाही ढाने वाली नीतियाँ थोपने का सिलसिला चला रखा है.विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।

दोस्तों, गलीगली सिम सिम कार्यक्रम के आज की कड़ी में हम सुनेंगे गूगली और चमकी की दोस्ती। आइये सुनते है गुगली और चमकी की चटपटी बातें। आप भी लिंक पर क्लीक करें और सुने इस कहानी को ।

महाराष्ट्र के औरंगाबाद जिला से सुभम से मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया उन्हें चिराग वाणी सुनने में बहुत अच्छा लगता है। इसमें चलने वाले कार्यक्रम शांति की कहानी सुनने में उन्हें बहुत अच्छी लगती है

यूनाइटेड नेशंस चिल्ड्रंस फंड ने विश्व बाल दिवस के मौके पर जारी रिपोर्ट में कहा है कि कोरोनावायरस से संक्रमित होने वाले बच्चों में लक्षण तो मामूली ही नजर आ रहे हैं, लेकिन उनमें संक्रमण के मामले बढ़ रहे हैं. संक्रमण के अलावा उनकी शिक्षा और खान-पान पर भी दीर्घकालीन प्रभाव बढ़ रहा है. यूनिसेफ ने कहा है कि कोरोनावायरस संकमण के चलते युवाओं की एक पूरी पीढ़ी की सेहत, रहन-सहन के तरीके व उनके पूरे जीवन में बदलाव आ सकता है। विस्तार पूर्वक जानकारी के लिए क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें पूरी खबर।