साथियों , कोरोना काल में बहुत से ऐसे परिवार हैं जिन्हें सरकार की उज्जवला योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है. कई लोगों की शिकायत है कि उनके खाते में उज्जवला योजना की राशि नहीं आई, कुछ बतातें हैं कि उन्हें डीलर से सिलेंडर नहीं मिल रहा है. कई गरीब परिवार तो ऐसे हैं जो योजना के पंजीयन के लिए परेशान हैं. आखिर इस योजना का लाभ मिलेगा कैसे ? जानने के लिए इस ऑडियो को क्लिक करें
कोरोना महामारी के कारण बहुत से लोगो को अपनी नौकरी को छोड़ कर अपने राज्य वापस आना पड़ा. कई लोगो को उम्मीद थी कि उनके राज्य की सरकारें उनके लिए राहत सामग्री या वित्तीय सहायता उपलब्ध कराएंगी और कई राज्यों कराया भी . फिर भी बहुत से लोगो को मदद नहीं मिल पाईं . आखिर बिहार सरकार द्वारा 1000 रु. किसे दिया जाएगा ? जानने के लिए क्लिक करें
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पुरे विश्व के साथ साथ आज हम भी कोरोना की महामारी से जूझ रहे हैं ,देशवासी को राहत देने के उद्देश्य से सरकार ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के अंतर्गत सभी महिला जन धन खाता धारकों को 500 रूपए देने की शुरुआत 2 अप्रैल से ही कर चुकी है। तो साथियों आपके परिवार के महिला सदस्य के जन धन खातों में 500 रूपए की राशि पहुँचने से सम्बंधित सन्देश मिला है या आपने बैंक जा कर चेक कराया है ?अगर नहीं कराया है तो क्या इसकी वजह बैंक शाखे का आपके घर से दूर होना है ?या फिर आपको जानकारी नहीं है ? अधिक जानकारी के लिए ऑडिओ पर क्लीक करें
प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत अस्सी करोड़ गरीबों को प्रतिमाह मिलने वाले राशन के अतिरिक्त, तीन महीने तक प्रति यूनिट पांच किलो की दर से निःशुल्क चावल व गेहूं अतिरिक्त दिया जाएगा। क्लिक करें ऑडियो पर और सुनें इस बारे में विस्तृत जानकारी।
पटना (महताब आलम):- सीएम नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा है कि जिस भी गरीब के पास राशन कार्ड नहीं है वैसे लोगों को जीविक समूह के माध्यम से पहचान कर तत्काल उन्हें 1000-1000 रुपये की सहायता राशि दें। उन्होनें इस काम को प्रथमिकता के आधार पर करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है।साथ ही सीएम ने किसानों के फसलों को पैक्स के माध्यम से उठाने का आदेश जारी करते हुए उनका पेमेंट उनके पंचायत में ससमय जारी करने का निर्देश दिया है। साथ ही सीएम ने मरनेगा के तहत एक एकड़ से कम क्षेत्र वाले तालाबों को जल्द बनाने का निर्देश दिया है। सीएम नीतीश कुमार ने कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर किए जा रहे कार्यों की अद्यतन स्थिति और लॉकडाउन में रोजगार सृजन को लेकर किए जाने वाले कार्यों के संबंध में विभिन्न विभागों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए गहन समीक्षा की। सीएम ने कहा कि अस्वीकृत और पेंडिंग राशन कार्ड की जांच कर आवेदक को राशन कार्ड निर्गत किया जाए। सतत जीविकोपार्जन योजना एक महत्वपूर्ण योजना है। जीविका के माध्यम से ऐसे परिवारों का चयन कर लें जिनका राशन कार्ड नहीं बना है। ऐसे परिवारों को एक हजार रूपये की राशि के भुगतान की व्यवस्था होनी चाहिये। इसके लिए ग्रामीण विकास विभाग दो दिन में सर्वेक्षण का कार्य पूर्ण कर ले। सीएम ने कहा कि राज्य में पहले से सतत् जीविकोपार्जन योजना चलायी गयी है, जिसके माध्यम से हाशिये पर के लोगों को आगे बढ़ाने के लिये तथा पूर्व में शराब एवं ताड़ी के कार्य से जुड़े लोगों की जीविका के लिये मदद हो सके। इन हाशिये पर के लोगों के पास राशन कार्ड भी नहीं है। सीएम ने ग्रामीण विकास विभाग को निर्देश दिया कि जीविका समूह से समन्वय कर इसका सर्वे करायें और ऐसे परिवारों को चिन्हित करें, जिनका राशन कार्ड नहीं है। मनरेगा के भी ऐसे मजदूरों का जिनका राशन कार्ड नहीं है, उन्हें भी चिन्हित करें। इनलोगों का बैंक एकाउंट भी खुलवायें और जल्द से जल्द इनके खाते में राशि ट्रांसफर करायी जाय। नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा कि मनरेगा के अंतर्गत एक एकड़ से कम क्षेत्र वाले तालाबों का निर्माण शीघ्रता से हो। ग्रामीण विकास विभाग, पथ निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, लघु जल संसाधन विभाग अपनी योजनाओं को तेजी से क्रियान्वित करायें। सीएम ने कहा कि कहा कि लॉकडाउन में कृषि से संबंधित कार्यों पर कोई रोक नहीं है। गेहूं की अधिप्राप्ति के लिए सभी आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पैक्स के माध्यम से गेहूं की अधिप्राप्ति सुनिश्चित करायी जाए ताकि किसानों को अपनी पंचायतों में ही फसल का उचित मूल्य मिल सके। उन्होंने कहा कि राशि का निर्धारित समय सीमा के अंदर भुगतान सुनिश्चित किया जाय। फसल कटनी की भी माॉनिटरिंग सुनिश्चित करायी जाए। सीएम ने जल संसाधन विभाग को निर्देश दिया कि प्रो-एक्टिव होकर कटाव निरोधक एवं बाढ़ सुरक्षात्मक कार्यों को ससमय पूर्ण करायें। स्थानीय प्रशासन भी इस काम में मदद करे। इंजीनियरिंग विभाग, दिशा-निर्देशों के अधीन सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए योजनाओं को शीघ्र प्रारंभ करें ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों अथवा मजदूरों को रोजगार मिल सके। स्थानीय मजदूरों को ट्रेनिंग देकर विशेष कार्यों के लिए उनका उपयोग किया जा सकता है। मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बताया कि गाइडलाइन को फॉलो करते हुये ग्रामीण क्षेत्रों में हमलोग कुछ प्रोसेसिंग यूनिट चालू कर सकते हैं। सरकार द्वारा चलाई जा रही कुछ ऑनलाइन योजनाओं की शुरूआत की जा सकती है। जूट उद्योग, माइनिंग के उद्योग, ऑयल गैस रिफाइनरी इत्यादि की शुरूआत की जा सकती है। उन्होंने बताया कि सात निश्चय के कार्यक्रम हर घर नल का जल, पक्की गली-नालियां, शौचालय का निर्माण, तालाबों/पोखरों का जीर्णोद्धार जैसे कार्य शुरू कर दिये गये हैं। इसमें स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिज्योर का पालन किया जा रहा है। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना, सैनिटाइजेशन कराना, लार्ज गैदरिंग को रोकना आदि शामिल है।
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