डीएम सह प्रधान गणना पदाधिकारी की अध्यक्षता में नगर भवन में शुक्रवार को बिहार जाति आधारित गणना 2022 के सफल आयोजन के लिए प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। 7 से 21 जनवरी 2023 तक जाति आधारित गणना के तहत प्रथम चरण में मकान नंबरीकारण व संक्षिप्त मकान सूची के निर्माण का कार्य किया जाना है । डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने निर्देश देते हुए कहा कि जाति आधारित गणना के लिए सहायक ,पर्यवेक्षक एवं अन्य गणना कर्मियों द्वारा जिला , प्रखंड व नगर निकाय स्तर पर मकान का भौतिक सत्यापन हर हाल में सुनिश्चित किया जाए । डीएम ने कहा कि जाति आधारित गणना के निमित्त अपने कर्तव्य व दायित्व का निर्वहन ससमय सुनिश्चित किया जाए । उन्होंने कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधि, वार्ड सदस्य व मुखिया गण के साथ संपर्क स्थापित कर गणना कार्य को सफल बनाएं । चार्ज पदाधिकारी प्रतिदिन अपने प्रगणकों व पर्यवेक्षकों के साथ वर्चुअल मीटिंग के माध्यम से कार्य प्रगति की समीक्षा करें ।

एनएच 28 पर मंजन छपरा गांव के निकट उसी गांव के निवासी 70 वर्षीय वेद भूषण को अज्ञात अपराधियों ने गोली मारकर घायल कर दिया। घटना शुक्रवार संध्या लगभग साढ़े सात बजे की है। घायल व्यक्ति को पीएचसी लाया गया जहां चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद चिंताजनक स्थिति में मुजफ्फरपुर रेफर कर दिया है। घायल श्री भूषण की बड़ी पतोहू रीति रंजन ने बताया कि उसके ससुर व सास और वह घर के दरवाजा पर बैठे थे । मेहसी की ओर से एक बाइक पर सवार दो व्यक्ति आये । एक युवक रोड पर ही बाइक पर था दूसरा बाइक से उतर कर दरवाज़ा पर आया। उसने उसके ससुर से मुजफ्फरपुर जाने के लिए पूछा । तभी उसकी सास ने बताया कि उस रोड को बताया। वह चला गया और फिर थोड़ी देर बाद वहीं युवक दोबारा आया। वह जबरन उसके ससुर को कहने लगा कि तुम सही बताएगा के गोली मारें। तभी उसने हथियार निकाला और उसके ससुर को दो गोली मार दी। एक गोली कंधा व दूसरी गोली पेट में लगी है। घटना को अंजाम देकर दोनों युवक बाइक से भाग निकले। उसके देवर पंकज घायल अवस्था में पीएचसी लाये। उसने पुलिस को बताया कि ससुर के साथ उसके देवर पंकज अक्सर मारपीट करते थे । उन्होंने ज़मीन पर किसी से पैसा ले रखा है औऱ ससुर यानी अपने पिता को ज़मीन लिखने का बराबर दबाव बनाते थे। पुलिस पंकज को गिरफ्तार कर पूछ ताछ कर रही है। थाना अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने बताया जांच के बाद ही मामले का खुलासा हो पायेगा।

 पहाड़ की तराई का इलाके वाला रक्सौल अनुमंडल क्षेत्र में पिछले एक पखवाड़े से लगातार पड़ने वाले कड़ाके की ठंड से बिहारी मजदूरों के समक्ष रोजगार की समस्या उन्हें बेहाल कर पलायन को मजबूर कर दिया है। शहर में दिहाड़ी मजदूरों को काम न मिलने की स्थिति में वे मुंबई, पंजाब, कश्मीर, लुधियाना, दिल्ली की ओर रोजगार के लिए भारी संख्या में जाने लगे है। इसका खुलासा गुरुवार को हुआ। जब स्थानीय रेलवे स्टेशन पर भारी संख्या में दिहाड़ी मजदूरों को कर्मभूमि एक्सप्रेस ट्रेन जो रक्सौल से मुंबई जाती है पकड़ने जाते पाया गया। उन्होंने बताया की ठंड में यहां कोई काम नहीं मिल रहा है। जॉब कार्ड के बावजूद काम नदारद है। परिवार के समक्ष रोजी रोटी की समस्या उत्पन्न हो गई है। ऐसे में बाहर जाना उनकी मजबूरी है। अनुमंडल के आदापुर श्यामपुर निवासी सुमन भगत व नंदकिशोर ने बताया कि वे लोग मजदूरी काम के लिए मुंबई जा रहे है। शुक्रवार शाम रक्सौल से मुंबई जाने वाली कर्म भूमि एक्सप्रेस ट्रेन में जा रहे दिहाड़ी मजदूरों से जब संवाददाता ने पलायन का कारण जानने का प्रयास किया। तो एक ही जवाब मिला की ठंड में रोजगार की समस्या के कारण बाहर मजदूरी के लिये जा रहे हैं। ठंड में यहां काम नहीं मिल रहा है। तो परिवार का भरण पोषण के लिए बाहर जाना पड़ रहा है। रोजगार की व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। उनके साथ लगभग एक दर्जन दिहाड़ी मजदूरों का समूह है जो मुंबई के फैक्ट्री में काम करेंगे। उसी प्रकार स्टेशन पर अनुमंडल सहित नेपाल तक के बिभिन्न स्थान से दिहाड़ी मजदूरों को बाहर काम की तलाश मे जाते पाया गया।

मालगाड़ी की कोयले की चार बोगी में लगी आग, दहशत में बीते तीन घंटे हल्दिया पश्चिम बंगाल पोर्ट से नेपाल के लिए रक्सौल आने वाले कोयला लदे रेल मालगाड़ी के चार बोगी में शुक्रवार शाम आग लगने से स्थानीय रेलवे यार्ड में अफरा तफरी मच गई। यह स्थिति तब उत्पन्न हुई जब आग लगी बोगी रक्सौल रेलवे गुड्स यार्ड के लाइन नंबर आठ में प्रवेश की। मालगाड़ी के बोगी से निकलते भारी धुंआ को देख रेलवे मालगोदाम में तैनात रेल अधिकारियों ने उच्च रेल अधिकारियों को सूचना दी। सूचना पर तत्काल रेल सुरक्षा बल व अन्य रेल अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। तब आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को सूचित कर दो दमकल की गाड़ी बुलाई गई। चार बोगी में लगी आग वाले कोयले को अनलोडिंग कराई गई। कोयला अनलोडिंग के बाद उसे बुझाया गया। फायर ब्रिगेड कर्मियों द्वारा तीन बोगी के कोयला में लगी आग बुझा दिया गया है। जबकि चौथे बोगी की अनलोडिंग करा कर आग बुझाने का प्रयास जारी है। घटना की पुष्टि करते हुए माल अधीक्षक प्रबोध कुमार ने बताया कि उक्त मालगाड़ी में हल्दिया पोर्ट पर कोयला लदाई के बाद उक्त चार बोगी में आग सुलगना आरंभ हो गया था जिसे रास्ते में सीतामढ़ी स्टेशन सहित अन्य स्टेशनों पर बुझाते लाया जा रहा था। घटना में किसी प्रकार की क्षति का विवरण उपलब्ध नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि कोयला अनलोडिंग के बाद यह स्पष्ट होगा कि मालगाड़ी की बोगी को नुकसान हुआ है या नहीं।

पड़ोसी देश नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्र सरोज कुमार यादव के मधेश प्रदेश के मुख्यमंत्री बनाये जाने से दोनों देश के सीमावर्ती क्षेत्र खासकर बनकटवा प्रखण्ड क्षेत्र में जश्न का माहौल है। मुख्यमंत्री श्री यादव का ननिहाल बनकटवा प्रखण्ड के जितना गांव में है। उनके बचपन का अधिकांश समय उनके ननिहाल में हीं बीता है। शुक्रवार दो बजे धनुषा जिला मुख्यालय के जनकपुर से खबर आई कि वे मुख्यमंत्री पद की शपथ ले लिये। तब से उनके ननिहाल जितना निवासी नागेन्द्र यादव,सुरेन्द्र यादव,मनोज यादव, शंकर यादव के खुशी का ठिकाना नहीं रहा। क्योंकि यहां के गलियारों से निकला लड़का नेपाल में अपना परचम लहराया। भाई नवल किशोर यादव,बिनोद यादव ने मिठाई बांटते कहते हैं कि घर का लोग मुख्यमंत्री बन गया। इसलिए हम सभी काफी खुश हैं। बताते चलें कि मुख्यमंत्री बने सरोज यादव बारा जिले के सीमावर्ती गांव नयका टोला के परमानन्द प्रसाद यादव के एकलौता पुत्र हैं। वे 52 वर्ष के हैं। वे अपनी पहली राजनीतिक पारी 1998 में मुखिया का चुनाव जीतकर तय किया था। नेपाल में गणतंत्र स्थापना के बाद 2008 में वे संविधान सभा के लिए चुने गये।संविधान निर्माण के बाद वे नेपाल सरकार के वाणिज्य राज्य मंत्री बनाये गये। श्री यादव 2012 में लोक सभा चुनाव जीतने के बाद केन्द्र सरकार में नेपाल के स्वास्थ्य मंत्री बने। नेपाल में लोकतंत्र की स्थापना के बाद जब देश में सात प्रदेश बने तब पहली बार वे मधेश प्रदेश के स्पीकर बने। 2022 के आम निर्वाचन में वे बारा जिले के एक ख क्षेत्र से चुनाव जीतकर प्रदेश सभा मे निर्वाचित हुए और दूसरी बार के चुनाव में जीत के बाद मुख्यमंत्री बने।

बिहार सीमा से लगे मधेश प्रदेश के दुसरे मुख्यमंत्री के पद के लिए जसपा पार्टी के संसदीय दल के नेता सरोज यादव ने शुक्रवार को पद व गोपनीयता की शपथ ली।प्रदेश के गवर्नर हरि शंकर मिश्र ने नव नियुक्त मुख्यमंत्री श्री यादव को पद व गोपनीयता की शपथ दिलायी। मुख्यमंत्री श्री यादव ने भोजपुरी भाषा में शपथ ली।इसके साथ ही बिना विभाग के तीन मंत्रियों ने भी शपथ ली। इसमें नेकपा एमाले के संसदीय दल के नेता सरोज कुमार यादव ने मैथिली तथा जसपा के संजय यादव ने मैथिली में शपथ ली। जनमत पार्टी से मंत्री बने बसंत कुमार कुशवाहा ने मधेशी भाषा में शपथ ली। शपथ ग्रहण समारोह में जसपा के अध्यक्ष व पूर्व उप प्रधानमंत्री उपेन्द्र यादव, पूर्व मुख्यमंत्री मोहम्मद लाल बाबू राउत, लोसपा के प्रदेश अध्यक्ष तथा पूर्व मंत्री जीतेन्द्र सोनल, एमाले नेता राम चंद्रमंडल सहित अन्य नेता मौजूद थे।बता दें कि 72 प्रदेश सभा सदस्य के समर्थन से श्री यादव मुख्यमंत्री बने हैं।

आगामी पंद्रह जनवरी रविवार को मकर संक्रांति को लेकर नगर में उत्साह का माहौल बन गया है। सभी मकर संक्रांति मनाने के लिए लोग खरीदारी में जुटे हुए हैं। नगर के बाजारों में लाई, तिलकुट व तिलपापड़ी की डिमांड बढ़ गयी है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के चौक-चौराहों तक लाई व तिलकुट की सोंधी खुशबू फैली हुई है। महंगाई पर भारी पड़ रही है श्रद्धा पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष की कीमतों में इजाफा होने के बावजूद लोगों की श्रद्धा महंगाई पर भारी पड़ रही है । दुकानदार राजेश बताते हैं कि पिछले वर्ष तैयार लाई चालीस से पचास रुपये किलो और तिलवा दो सौ से ढाई सौ रुपये किलो तक बिका था ,जबकि इस वर्ष तैयार लाई अस्सी रुपये किलो व तिलवा तीन सौ बीस रुपये किलो की दर से बिक रहा है। गुड़ व्यवसायी रामदेव प्रसाद के अनुसार पिछले वर्ष गुड़ पैतीस से चालीस रुपये बिका था,जबकि इस वर्ष साठ रुपये बिक रहा है। चूड़ा की हो रही खूब खरीदारी संक्रांति को लेकर शहर के जानपुल चौक, गांधी चौक, छतौनी चौक, बलुआ बाजार, हेनरी बाजार, कुंआरी देवी चौक व मीना बाजार में साधारण चूड़ा 40 से 50 रुपये किलो तथा मिर्चा का चूड़ा 90 से सौ रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रहा है। व्यवसायी कमल प्रसाद बताते हैं कि काला तिल 150 रु.किलो ,उजला तिल 180 रु.किलो, उड़द दाल 120 रु.से 140रु. प्रति किलो,अदरख 80 रु.किलो से एक सौ रूपये किलो,कच्चा हल्दी साठ से अस्सी रु.किलो की दर से बाजार में बिक रहा है। जबकि पिछले वर्ष उड़द दाल एक सौ से एक सौ दस रुपये प्रति किलो,उजला तिल 150 रु.किलो तथा अदरख मात्र 60 रुपये किलो की दर से बिका था। संक्रांति को लेकर तैयार लाई व तिलवा के बढ़ते डिमाण्ड को देखते हुए व्यवसायियों के परिवार में दो-तीन दिन पहले से ही घर के लोग लाई की तैयारी करने में जुटे हुए हैं ।

संतों की संगति से ही भक्ति तथा भक्ति से भगवान की प्राप्ति होती है। भगवान की कथा को मनोयोग से सुनना और उसके अनुसार आचरण करना भी भक्ति का अनुपम उदाहरण है। ये बातें अपने आठवें दिन के प्रवचन के क्रम में अयोध्या से पधारे संत आचार्य रामप्रवेश दास जी महाराज ने हनुमानगढ़ी मंदिर परिसर में जनसहयोग से चल रहे संगीतमय श्रीराम कथा के आठवें दिन के प्रवचन के दौरान उपस्थित जनों से कही। उन्होंने भरत -चरित्र, केवट प्रसंग, राम का दंडक वन में प्रवेश, जटायु मिलन, सीता हरण, श्री राम का विलाप तथा शबरी उद्धार की संगीतमय कथा सुनाते हुए कहा कि जीवन में गुरु का होना आवश्यक है। जिसने अपने गुरु का आदर किया उसने सब कुछ पा लिया। उन्होंने बताया कि जिसका मन और वाणी सम्पूर्ण रुप से भगवान में लग जाता है वह वेदों के अध्ययन ,तप और त्याग का फल प्राप्त कर लेता है। यमराज क्रोधी मनुष्य के यज्ञ,दान,तप आदि कर्मों को हर लेते हैं। क्रोध नहीं करनी चाहिए। क्रोधी मनुष्य का सारा परिश्रम बेकार चला जाता है। जिस प्रकार जहाज समुद्र को पार करने का साधन है उसी प्रकार ही सत्य स्वर्गलोक जाने की सीढ़ी है। जिस प्रकार रुखा भोजन मनुष्य को तृप्ति प्रदान नहीं करता है उसी प्रकार ही मधुर बचनाें के बिना दिया हुआ दान भी बेकार हो जाता है। उन्होंने बताया कि धन की सार्थकता दान में,शरीर की सेवा में,भगवान के गुणगान में तथा परोपकार में किया जाना चाहिए।उन्होंने बताया कि हमें आज के काम को कल पर नहीं छोड़ना चाहिए। जो आज के काम को कल पर छोड़ता है या टालमटोल करता है वह जीवन संघर्ष में क भी भी सफल नहीं हो सकता है।इस अवसर पर आयोजक मंडल के मुख्य यजमान दम्पति प्रो.बिंदा प्रसाद,पुकुल श्रीवास्तव व अधिवक्ता ओमप्रकाश सहित उपस्थित थे।

खरीफ विपणन मौसम 2022-23 में कैश क्रेडिट की राशि कम मिलने से समितियों को किसानों से धान खरीद में परेशानी बढ़ गयी है। इससे जिले में धान खरीद की रफ्तार धीमी पड़ गयी है। समितियों के द्वारा एसएफसी को 207 लॉट सीएमआर जमा कराया गया है। इसके विरुद्ध समितियों को 28 करोड़ रुपये की जगह मात्र 3 करोड़ रुपये का भुगतान एसएफसी के द्वारा किया गया है। इसके कारण विगत एक सप्ताह से धान खरीद प्रभावित हुआ है। इस मामले को लेकर दी मोतिहारी सेंट्रल को ऑपरेटिव बैंक के एमडी राजेश कुमार ने बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के प्रबंध निदेशक को पत्र लिखा है। जिसके तहत किसान हित व पैक्सों की सहुलियत के लिए कैश क्रेडिट की राशि 40 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत करने की मांग की गयी है। इधर को ऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन दिलीप कुमार यादव ने बताया कि मोतिहारी को ऑपरेटिव बैंक को राज्य सहकारी बैंक से धान खरीद के लिए जो 40 प्रतिशत सीसी प्राप्त हुई थी,उसे कार्यरत पैक्सों को उपलब्ध करा दिया गया है। राज्य सहकारी बैंक से राशि प्राप्त होते ही कार्यरत पैक्स को आवंटित कर दिया जाएगा।

काम में सफलता तब मिलती है जब टीम बेहतर हो। टीम के बल पर ही मुकाम हासिल किया जा सकता है। यह बातें सदर अस्पताल परिसर में आयोजित विदाई सह स्वागत समारोह में डीएम शीर्षत कपिल अशोक ने कही। विदाई के लिए आयोजित समारोह को संबोधित करते हुये पिछले साल जिला में आये कोरोना संकट में डीपीएम सहित स्टाफ के कार्यों की प्रशंसा करते हुये कहा कि चाहे कोरोना मरीज के इलाज का मामला हो या टीकाकरण का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बेहतर काम कर देश स्तर पर चर्चित रहा। बताया कि कोरोना काल में जब मेडिकल कॉलेज बेतिया से लेकर सदर अस्पताल भरा पड़ा था। ऐसी स्थिति में मोतिहारी स्वास्थ्य विभाग में क्रिटिकल मरीज को अपने यहां रख कर बेहतर इलाज किया। इस काम में डीपीएम से लेकर स्वास्थ्य अधिकारी, डाक्टर व स्टाफ ने अहम भूमिका निभायी। बाढ़ के ामस में भी स्वास्थ्य विभाग ने अहम भूमिका निभाई। सीएस डॉ अंजनी कुमार ने स्वास्थ्य विभाग की बेहतर उपलब्धि के लिये डीएम के गाइड लाइन और उनके प्रयास की देन है कि सदर अस्पताल को एक के बाद एक उपलब्धि मिली है। डीपीएम अमित अचल ने कहा कि इनकी टीम सफलता का श्रेय डीएम का कुशल नेतृत्व है।