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प्रखण्ड खुटौना, जिला मधुबनी से चंदेश्वर राम चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि स्कूलों में नामांकित बच्चों की संख्या और कक्षा में छात्रों की उपस्थिति की संख्या में काफी अंतर है।बच्चे नाम लिखा रहे हैं,लेकिन विद्यालय नहीं आते हैं छात्र सिर्फ एग्जाम के लिए एडमिट कार्ड लेने ही जाते हैँ। इस पर पूछे जाने पर छात्र कहते हैं कि स्कूल में जितने छात्रों का नामांकन किया हुआ है उतने बच्चों को बैठने के लिए पर्याप्त कमरा और बेंच नहीं है। साथ ही स्कूल में शिक्षकों की कमी है छात्रों का कहना हैं कि जब स्कूल में पढ़ाई ही नहीं होती तो हम स्कूल जाकर अपना समय क्यों व्ययतीत करें और इसलिए हम बाहर से ही कोचिंग करके तैयारी करते हैं। इस तरह से ज्यादातर बच्चे निजी कोचिंग के जाल में फंसे हुए है और ऐसे में जब छात्र-छात्राओं का रिजल्ट ख़राब होता है तो गाज सरकारी स्कूलों के शिक्षको पर गिरता है।चंदू जी कहते हैं कि विद्यार्थियों की ऐसी मानशिकता से क्या शिक्षा का स्तर सुधरेगा ? और जब साल भर बच्चे कोचिंग में पढ़ते है तो परीक्षा परिणाम ख़राब होने पर सरकारी शिक्षक कैसे दोषी होंगे। अतः शिक्षा का स्तर सुधारने एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बढ़ाने के लिए सभी स्कूलों में शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बायोमीट्रिक प्रणाली से बनाए जाने की व्यवस्था करने की जरुरत है।

प्रखंड खुटौना, जिला मधुबनी से चंदेश्वर राम चंदू जी ने मोबाइल वाणी को बताया कि खुटौना पंचायत की मुखिया प्रत्यासी उर्मिला देवी ने कहा कि जिस तरह समाज में शराब पर प्रतिबन्ध लगा है,उसी तरह से समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा पर भी रोक लगे। उन्होंने कहा कि शराब की तरह दहेज़ भी एक सामजिक बुराई है और जिस तरह से महिलाएं आवाज बुलंद की और शराब पर बंदी का लाभ महिलाओं को मिला है उसी तरह से दहेज़ प्रथा पर रोक लगने पर लाभ महिलाओं को ही मिलेगा। उन्होंने कहा कि दहेज़ प्रथा पर पहले से ही कानून में प्रावधान है बस जरुरत है तो उसे शख्ती से लागु करने की और इसके लिए भी महिलाओं को ही आगे आना होगा।साथ ही इसमें जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी सहयोग करना होगा। पुरुष प्रधान हमारे समाज में पुरुषवादी मानसिकता का शिकार अक्सर महिलाओं को ही होना पड़ता है।लड़के और लड़कियों में भेदभाव परिवार से ही उत्पन्न होती है इसलिए समाज में लैंगिक समानता के लिए जागरूकता जरुरी है। श्रीमती उर्मिला देवी ने कहा कि समाज में व्याप्त दहेज़ प्रथा के लिए महिलाए ही दोषी हैं, अगर महिलाएं इसे विरोध करें तो इस सामाजिक कुरीति का अंत हो जायेगा। चूँकि समाज में लैंगिक भेदभाव का मुख्य कारन दहेज़ ही है। अतः दहेज़ प्रथा पर रोक से ही महिलाओं पर हो रही अत्यचार रुकेगी।

प्रखण्ड खुटौना से चंदेश्वर राम चंदू जी मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि श्रद्धा का माह सावन के पावन अवसर पर बोल बम के पच्चीस हज़ार कावंरियो ने तीसरा सोमवारी में भगवान शिव बाबा गरीबनाथ महादेव के शिवालय पर जलाभिषेक किये। जयनगर कमला नदी से जल भर कर खुटौना प्रखंड स्थित बाबा गरीबनाथ महादेव जी के दरबार में हर वर्ष के भांति इस वर्ष भी धूम-धाम मनाया जा रहा है , मंदिर के अगल-बगल में प्रसाद,धुप आदि सामग्रियों की दूकान सजी हुई है। रात को बाबा के दरबार में रामायण कार्यक्रम 8 बजे से 12 बजे तक भगवान् के लीलाओ को दिखाया जा रहा है जिसमे काफी भीड़ देखी जा रही है।

खुटौना से संतोष जी मोबाइल वाणी के माध्यम से रक्षा बंधन पर एक शायरी पेश कर रहे है, कहते है रक्षा बंधन भाई-बहन के रिश्ते को कोई मिटा नहीं सकता क्योंकि यह भाई-बहन का प्रेम का त्यौहार है।

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जिला मधुबनी से शिव शंकर मंडल मधुबनी मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है की प्रखंड खुटौना के सिकटियाही पंचायत में योजना एवं विकास विभाग द्वारा बन रहे पंचायत भवन सिकटियाही में लगाये जा रहे ईंट मेधा प्राप्त नंबर तीन से भी ख़राब है। जबकि भवन में जोड़े जा रहे ईंट में अभी ही नौनी लग रहा है और ईंट झड़ रहे है। माकन के ऊपरी भाग में छत के उपर भी कमजोर ईंट से ही जोड़ा गया है। ग्रामीणों के विरोध के बावजूद भी अनवरत कार्य चल रहा है। ग्रामीणों स्थानीय विधायक और प्रशासनिक अधिकारियो से इसकी जाँच की मांग की गयी है। इसकी प्राक्कलित राशि 87 लाख 39 हजार 100 रूपया है। कार्य प्रारम्भिक तिथि 2 मई 2015 है कार्य समाप्ति के लिए एक वर्ष दिया गया था। ग्रामीणों ने इसकी जाँच की जोरदार मांग की है।

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