बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के दूसरे चरण के तहत मंगलवार सुबह झाझा विधानसभा क्षेत्र गिद्धौर प्रखंड भर में विभिन्न मतदान केंद्रो पर मतदान शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण ढंग से शुरू हो गया। सुबह सात बजे से ही सभी मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं में भी मतदान को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। विस्तार पूर्वक खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें
आप हमें बताएं कि आखिर ऐसा क्यों होता है कि आज के समय में अक्सर लोग दूसरों को निचा दिखाने की कोशिश करते हैं बिना इसकी परवाह किये की उनके मानसिक स्वास्थ्य पर इस बात का क्या असर पड़ेगा ? आपके अनुसार इस तरह के भेदभाव को हमारे सोच और समाज से कैसे मिटाया जा सकता है ? दोस्तों इस से जुड़ी आपके मन में अगर कोई सवाल है तो जरूर रिकॉर्ड करे . हम आपके सवाल का जवाब तलाशने की कोशिश करेंगे।
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जमुई जिले के चारों विधानसभा क्षेत्र मेंजैसे-जैसे मतदान करने का समय नजदीक आ रहा हैं। झाझा का चुनावी माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में डूब गया है। सुबह से लेकर देर रात तक गांव-गांव में प्रचार का शोरगुल गूंज रहा है। प्रत्याशी अपने-अपने समर्थकों के साथ टोले-मोहल्लों में घूमकर लोगों से मुलाकात कर रहे हैं। मतदाताओं का दिल जीतने के लिए प्रत्याशी हर संभव मतदाताओं को रिझाने में लगे हुए हैं। कोई प्रत्यासी गले मिल रहे हैं तो कहीं बुजुर्गों के पैर छूकर नतमस्तक होकर आशीर्वाद मांग रहे हैं। जनसमर्थन पाने के लिए प्रत्याशी अपने भाषणों में बड़े-बड़े वादे कर रहे हैं। कोई क्षेत्र में सड़क, बिजली, पानी और स्वास्थ्य सुविधाओं के सुधार की बात कर रहा है, तो कोई युवाओं को रोजगार और किसानों को राहत देने का भरोसा दिला रहा है। महिलाओं के सशक्तीकरण और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे भी मंचों से लगातार किए जा रहे हैं। बता दें कि चुनावी माहौल को गर्माने के लिए बड़ी-बड़ी पार्टियां अपने स्टार प्रचारकों को भी मैदान में उतार रही हैं। मंचों से पक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर जमकर निशाना साध रहे हैं। ज्ञात हो कि गांव के चौक-चौराहों, गलियों और बाजारों में प्रत्याशियों के प्रचार वाहनों से दिनभर लाउडस्पीकर पर पार्टी के गीत और नारे गूंजते रहते हैं।
जमुई जिले के विभिन्न नदियों तलाव में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर श्रद्धालुओं के भीड़ उमड़ गई विस्तार पूर्वक खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें
साथियों, ऐसा देखने को मिलता है कि आज के पढ़े लिखे और सभ्य समाज में भी शारीरिक और मानसिक रूप से असामान्य लोगों को अलग दृष्टि से देखा जाता है आखिर इस तरह के लोगों के व्यवहार के पीछे क्या कारण हैं ? आपको को क्या लगता है ऐसा क्यों होता है कि समाज में एक सामान्य व्यक्ति अपने से अलग लोगों को स्वीकार नहीं कर पाता ? आपके अनुसार समाज में फैले इस तरह की भेदभाव की भावना को कैसे दूर किया जा सकता है ? दोस्तों, आपके मन में आज के विषय से जुड़ा कोई भी सवाल है तो जरूर रिकॉर्ड करें अपने फ़ोन में नंबर 3 दबाकर। हम आपके सवाल का जवाब ढूंढ कर आप तक पहुंचाने की पूरी कोशिश करेंगे।
जमुई जिले भर में पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है किसान की धान की फसल गिर गई है कई क्षेत्रों में जल भराव से फसल सड़ने लगी है बाजारों में सन्नाटा पसरा हुआ है विस्तार पूर्व खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक
जमुई जिले भर में आज बुधवार को सुबह से ही रुक-रुक कर झमाझम बारिश हो रही है विस्तार पूर्वक खबर सुनने के लिए ऑडियो क्लिक करें
"आप हमें बताएं कि आज के इस दिखावे और चकाचौंध से भरी दुनिया में एक इंसान कम पैसों में खुद को कैसे खुश और स्वस्थ रख सकता है ? क्या आपने ऐसा अनुभव कभी अपने जीवन में किया है कि आपके पास इतने पैसे नहीं हो जितनी की आपको जरूरत हो और फिर भी आपने चीजों को अच्छे से मैनेज किया हो अगर हाँ तो कैसे? अपना अनुभव हमारे साथ साझा करें। साथियों अकसर हमें यह सुनने को मिल जाता है कि जितना है उतना में खुश रहना सिखो लेकिन क्या वास्तव में ऐसा होता है यार फिर यह सिर्फ एक कहावत ही बनकर रह जाता है ? आपके अनुसार किसी व्यक्ति के जीवन में पैसा होना या न होना उसके मन मस्तिष्क को किस हद तक प्रभावित कर सकता है ? आज के विषय से जुड़ा आपके मन में कोई सवाल है तो जरूर रिकॉर्ड करें। हम आपके सवालों को जवाब ढूंढ कर लाने की पूरी कोशिस करेंगे। "
उदीयमान सूर्य (उगते सूरज) को अर्घ्य अर्पित करने के साथ ही छठ महापर्व का समापन हो गया। जमुई जिला समेत पूरे इलाके में लोक आस्था का महापर्व श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। मंगलवार को तड़के चार बजे से ही जगह-जगह बनाए गए घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगे। छठ घाटों पर व्रतियों ने श्रद्धा और आस्था के साथ भगवान भास्कर की उपासना की जमुई शहर से सटे बहने वाली किऊल नदी के तट पर स्थित खैरमा घाट, सतगामा, बिहारी, कल्याणपुर, त्रिपुरारी घाट, गिद्धौर रतनपुर सहित अन्य छठ घाटों पर , उदयमान सूर्य को अर्घ्य देने के लिए भारी संख्या में व्रती और श्रद्धालु नजर आए। वहीं विभिन्न तालाबों और जिला के अलग-अलग इलाकों में बनाए गए छठ घाटों पर भी व्रतियों की बड़ी तादाद नजर आई। कई छठ व्रतियों ने अपने घर के छत पर ही अर्घ्य दिया। लोक आस्था का महापर्व छठ को लेकर सम्पूर्ण जिला में खासा उत्साह देखने को मिला। छठ व्रतियों ने पवित्र नदी, तालाब, पोखर आदि जल श्रोतों में डुबकी लगाकर बड़े ही आस्था और विश्वास के साथ सूर्यदेव को नमन किया और उन्हें अर्घ्य अर्पित कर मनोकामना पूरा करने का वर मांगा।
