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भारत एक कृषि प्रधान देश है और आज भी यहाँ के 70 प्रतिशत लोग कृषि कार्यों से जुड़े हुए हैं और भारतीय अर्थव्यवस्था में कृषि की भूमिका बहुत ही महत्वपूर्ण है. इसलिए किसान, भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ और ग्रामीण समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदानकर्ता हैं। देशभर के किसानों को समाज में उनके योगदान के लिए सम्मानित करने और उनकी सराहना करने के उद्देश्य से भारत में हर साल 23 दिसंबर को राष्ट्रीय किसान दिवस मनाया जाता है। इसी दिन भारत के पांचवें प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती भी होती है। साथियों, राष्ट्रीय किसान दिवस के लिए हर साल एक अलग थीम निर्धारित होती है और इस वर्ष यानी 2024 का थीम है "सतत कृषि और ग्रामीण सशक्तिकरण” जिसका उद्देश्य है किसानों को स्थायी कृषि पद्धतियों के महत्व को समझाना और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देना है।
श्रमिक वाणी के माध्यम से साजिद बता रहे हैं कि वे एक कम्पनी में काम करते हैं उनका ई एस आई कार्ड है। वे जब ई एस आई दवा लेने जाते हैं तो कम्पनी पैसे काट लेती है ,और ई एस आई वाले एक दो दिन तक दौड़ाते हैं। कोई दवाई जल्दी नहीं देते साथ ही अल्ट्रासाऊंड भी समय से नहीं करते हैं।
सुभाष ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये बाटा में काम करते हैं इनके पास ईएसआई कार्ड है,मगर उसमे कोई लाज नही होता है।
फरीदाबाद से अंकुश ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई में दिखाने जाते हैं तो उस दिन का कंपनी से पैसे काट लिए जाते हैं और दवाएं भी पूरी नही मिलती है
श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये कंपनी में काम करते हैं और इनका ईएसआई कटता है। छुट्टी लेकर ईलाज के लिए जाते हैं तो ईलाज नही होता है। कंपनी छुट्टी के पैसे काट लेती है।
फरीदाबाद से कमल प्रसाद ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ये जब भी ईएसआई में दिखाने जाते हैं तो सुनवाई नही होती है और दवाएं भी आधी मिलती है। कंपनी से इलाज के लिए छुट्टी लेते हैं तो पैसे काट ली जाती है
श्रोता ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि इनकी माँ का नाम रमा है और वो कंपनी में काम करती हैं। उनके पास ईएसआई कार्ड है।ईएसआई में दवाएं लेने जाते हैं तो नही मिलना है और अल्ट्रासाउंड भी बाहर से करवाना पड़ता है। कंपनी से छुट्टी करने पर पैसे कटते हैं और ये बहुत गरीब हैं
