इंद्रा कॉलनी से रुखसाना ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई वाले दवा के लिए बार - बार बुलाते हैं और समय से दवा नही देते हैं। ऐसे में कंपनी से छुट्टी करनी पड़ती है और छुट्टी के पैसे सैलरी में नही मिलती है
इंद्रा कॉलनी के गली नंबर -8 से रुक्मिणा ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई वाले बार - बार बुलाते हैं और इसके लिए कंपनी से छुट्टी लेनी पड़ती है और पेमेंट कट जाता है।
फरीदाबाद के इंद्रा कॉलोनी से ऋतिक श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि वे जब सरकारी अस्पताल में जाते हैं। तो वो डॉक्टर उन्हें परेशान करते हैं बार बार बुलाते हैं। इसके कारण उन्हें कम्पनी से छुट्टी लेनी पड़ती है इससे पैसे कटते हैं
फरीदाबाद के महिन्द्रा नगर कॉलोनी से श्रमिक वाणी के माध्यम से पूरन चंद बता रहे हैं कि वे जब भी सरकारी अस्पताल जाते हैं तो उन्हें बार बार बुलाया जाता है। जिसके कारण उन्हें छुट्टियां लेनी पड़ती है और उनके पैसे काट लिए जाते हैं
फरीदाबाद के मिलाड कॉलोनी से करण श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रहे हैं। वे जब भी ईएसआई जाते हैं वहां पर महंगी दवाई लिखी जाती है। जिसके कारण वे बार बार कम्पनी से छुट्टी लेते हैं। इसके कारण उनका कम्पनी से पैसे काट लिए जाते हैं
फरीदाबाद से सुनीता श्रमिक वाणी के माध्यम से बता रही हैं कि वे जब भी ईएसआई में जाती हैं उन्हें अल्ट्रासॉउन्ड की दिक्क्त होती है। बहुत लम्बा डेट दिया जाता है वहां पर। साथ ही छुट्टियाँ कम्पनी नहीं देती और वे बार बार बुलाते हैं
फरीदाबाद से सोनू ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई में नंबर जल्दी नही आता है
फरीदाबाद के सेक्टर 12 से प्रदीप ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि ईएसआई में डाक्टर को दिखाने का नंबर जल्दी नही आता है
हरियाणा राज्य के फरीदाबाद से आदिल मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि ईएसआईसी के अस्पताल में सही तरीके से इलाज नहीं होता है। इलाज के लिए कंपनी से छुट्टी लेनी पड़ती है और छुट्टी के पैसे भी काटते है। ईएसआईसी के अस्पताल में अल्ट्रासाउंड भी नहीं होता है
फरीदाबाद के मुजेसर से रामलाल मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है कि उनका ईएसआईसी कटता है और जब वो इलाज के लिए जाते है, तो कंपनी वाले छुट्टी नहीं देते है। जब वो अपनी मर्ज़ी से छुट्टी लेकर इलाज के लिए जाते है, तो उनके पैसे काट लिए जाते है और ईएसआईसी में सुनवाई भी नहीं होती है। अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें 25 दिन बाद की तारीख दी गई, इस वजह से उन्हें बाहर से अल्ट्रासाउंड करवाना पड़ता है
