दिल्ली एनसीआर के गुरुग्राम से राम करण की बातचीत श्रमिक वाणी के माध्यम से कल्पना से हुई। कल्पना बताती है कि वो मानेसर में बैठक के लिए गयी थी। बैठक में कई श्रमिक आये थे। बैठक बहुत अच्छे से हुई