दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से राज कुमार से हुई।राज कुमार कहते है कि वो जिस मकान में रहते है ,वहाँ का पानी बहुत खारा है ,जिसका इस्तेमाल नहीं कर पाते है। हज़ार से बारह सौ रूपए प्रतिमाह पानी पर खर्च होता है लेकिन साफ़ पानी उपलब्ध नहीं हो पाता है। अगर हरियाणा ,दिल्ली में पानी की ऐसे ही स्थिति रही तो आने वाले युग में बहुत समस्या होगी। केवल संपन्न लोग ही पानी खऱीद कर इस्तेमाल कर पाएगे। पानी को साफ़ करना चाहिए ,दूषित नहीं करना चाहिए। पानी की समस्या का ज़िम्मेदार सरकार है। जल संचयन पहलु में तो है लेकिन इस पर कार्य नहीं हो पा रहा है। अगर जल संचयन हो जाता तो पानी का स्तर नहीं घटता। पानी प्राकृतिक साधन है लेकिन इसका भी लोग व्यापार कर रहे है। इसमें केवल गरीब तबके के लोग पिसते है। घर में जो भी फ़िल्टर पानी लगा है वो भी साफ़ नहीं रहता है। इसकी जाँच के लिए कोई कर्मचारी नहीं आते है
