दिल्ली के गुरुग्राम रोड से नन्द किशोर की बातचीत साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से सूरज कुमार से हुई।सूरज कुमार कहते है कि वो जिस मकान में रहते है वहाँ खारा पानी आता है। पानी बहार से खरीदना पड़ता है। कभी 20 या 25 रूपए की बोतल पानी मिलती है। खारा पानी से कपड़ा धुल सकता है ,नहाने में कई चर्म रोग हो जाते है। चार यूनिट के हिसाब से खारा पानी का 400 रूपए देना पड़ता है। महीना में पानी में कुल 700 रूपए से 800 रूपए खर्च लग जाता है। बढ़ते उद्योग के कारण व बारिश कम होने से पानी का स्तर घटता जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र में पानी की समस्या नहीं है लेकिन इंडस्ट्रियल एरिया में पानी का खपत ज़्यादा हो रहा है। लोगों द्वारा पानी का धंधा बना लिया गया है।