हरियाणा से हमारे संवाददाता, साझा मंच के माध्यम से कहते हैं कि श्रम अधिनियम 2021 जो केंद्र सरकार एवं हरियाणा राज्य सरकार द्वारा लागु की गई है। लेकिन इसकी जानकारी किसी भी श्रमिक या यूनियन को नहीं है। इससे किसी भी मजदुर को जानकारी नहीं है की यह कानून उनके लाभ के लिया है या हानि पहुंचाने वाला है। परन्तु इसका सीधा लाभ पूंजीपतियों,मालिकों बड़े बड़े ठेकेदारों को अवश्य होगी। सरकार चाहती है कि ठेकेदारी प्रथा को बढ़ावा दिया जाए। सरकार ने श्रमिकों को मिलने वाली सुविधा ,न्यूनतम वेतन ,यात्रा व महँगाई भत्ता आदि की कोई जानकारी क़ानून में नहीं है लेकिन मशीन खराब होने भरपाई करना ,ओवरटाइम का पैसा नहीं मिलना आदि बाते क़ानून में निम्नलिखित है। इससे यह साफ़ झलकता है कि यह कानून मजदुर विरोधी कानून है और श्रमिकों को बंधुवा मज़दूरी की और ढ़केलने के लिए है ।