हरियाणा राज्य से हमारे संवाददाता,साझा मंच के माध्यम से श्रम मसौदा पर सीटू के सदस्य से बातचीत की, इनका कहना है कि हरियाणा सरकार ने यूनियनों से बिना बातचीत किये एक तरफ़ा मसौदा तैयार कर दिए। मसौदा मज़दूरों के लिए है तो मज़दूर यूनियन से विचार विमर्श करना चाहिए। सीआईटीयू ने बैठक कर सरकार को पत्र लिखा गया। अब श्रमिक इन चार कोड के ख़िलाफ़ विरोध कर रहा है। इसके विरुद्ध में आंदोलन किया जाएगा। यह श्रम कानून बड़े उद्योगपति को फ़ायदा पहुँचाने का कार्य करेगी। अब दो काम के घंटे बढ़ा दिए गए है
