दिल्ली-एनसीआर के उद्योग विहार से रफ़ी है और इनके साथ समरजीत जी हैं जो बताते हैं की ये वेयर हाउस में काम करते हैं जहाँ लोगो से अधिक काम लिया जाता है। लेकिन उस हिसाब से पैसे नहीं दिए जाते हैं। मजदूरों को अस्थाई रूप में ही 10-15 दिनों के लिए रखा जाता है। और बाद में निकाल दिया जाता है।
