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बोकारो चंदंक्यारी से गोपाल जी झारखण्ड मोबाइल वाणी पर जनार्दन महतो जी का बाल विवाह पर चल रहे विचार को सुनकर कहते है कि झारखण्ड में शिक्षा कि बहुत है कमी जिससे लोगो में जागरूकता कि कमी और इस वजह से वे अपने बच्चो का बाल विवाह कर देते है कम उम्र में विवाह करने से बच्चा और माँ दोनों कमजोर हो जाते है और अस्वस्थ रहते है अत:बाल विवाह नहीं करना चाहिए.

बोकारो चंदंक्यारी से श्याम्पत दास झारखण्ड मोबाइल वानी पर चल रहे जब्बार अंसारी जी के विचार का सम्रथन करते है कि बाल विवाह के लिये जिन बच्चियों कि शादी होती ई उनमे कई के बच्चे कुपोषित होते है.

बोकारो चंदंक्यारी से श्याम्पत दास झारखण्ड मोबाइल वाणी पर जानकारी दे रहे है कि आज आधार कार्ड का कार्यालय बन था जिससे सुदूरवर्ती आये लोगों काफी परेशानी हुई और लोगों ने काफी हो -हल्ला किया. अत: सरकार से अनुरोध करते है कि कैम्प लगाकर आधार कार्ड बनाया जाये.

श्याम्पत दास चंदंक्यारी,बोकारो से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से सभी लोगों को सुझाव देते है कि वे बेटी होने पर एक पौधा अवश्य लगाये जिससे पर्यावरण शुद्द रहे और चारो तरफ हरियाली बरकरार रहे.

जिला बोकारो के चंदनकियारी प्रखंड से हाविद अंसारी ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है की आज हमारे देश में दहेज़ प्रथा काफी बढ़ गई है.जिस्सके कारण कितनी लड़कियां खुदखुशी कर लेती हैं.अत:दहेज़ प्रथा को जल्द से जल्द बंद किया जाए.

जिला बोकारो के चंदनकियारी प्रखंड से संजीत मिश्रा ने झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बताते है.की सामान्य जाती के लोगो के साथ बहुत ना इंसाफी किया जाता है.अगर सामान्य जाती के लोगो का 80नंबर और अनुसूचित जाती के लोगो का 40 नंबर आता है तो उसे जगह मिल जाता है.अत: झारखण्ड सरकार से अनुरोध है की सामान्य जाती को भी बराबर का दर्जा दिया जाए.

बोकारो: श्यामपद दास ने चन्दनक्यारी बोकारो से झारखण्ड मोबाइल वाणी के लिए बाल विवाह पर कुमरदुबी पंचायत निवासी नमिता देवी से बातचीत की जिसमे वे कहती हैं कि बाल विवाह समाज में एक गन्दगी की तरह फ़ैल रहा है, इसे रोकना अतिआवश्यक है चूँकि बाल विवाह से लड़का और लड़की दोनों के जीवन में प्रभाव पड़ता है खास कर स्वास्थ्य पर बाल विवाह का बुरा असर होता है।

बोकारो: मंज़ूर आलम ने चन्दनक्यारी बोकारो से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते है कि पंचायत चुनाव के बाद वार्ड सदस्यों की भूमिका सुनिश्चित नही की गई है। पंचायत चुनाव के बाद सिर्फ मुखियाओं को ही तवज्जो दी जाती है किसी भी जगह पर वार्ड सदस्यों की भूमिका नही दिखती है जबकि उन्हें भी जनता ने ही चुना है तो सरकार उनके साथ सौतेला व्यव्हार क्यों कर रही है। अत: वार्ड सदस्यों की भूमिका शुनिश्चित की जानी चाहिए।