झारखण्ड राज्य के जिला धनबाद से तफाजुल आजाद मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि वायु प्रदुषण एक गंभीर समस्या हैं यह समस्या दिन प्रतिदिन भयानक रूप ले रही है। प्रदुषण के बढ़ते ग्राफ के कारण लोगों को साँस लेने में दिक्कत हो रही है। साथ ही कई तरह के बीमारी के चपेट में लोग आ रहे हैं। इस समस्या के रोक थाम एवं इसमें लगाम लगाने के लिए समाज के सब लोगों को आगे आना होगा। इसलिए प्रदूषण ना फैलाएं एवं इसे काबू में करने के लिए लोग कई उपाय अपना सकते हैं , जैसे-अधिक प्रदुषण वाले वाहन न चलाएं ,शादी विवाह में पटाखें ना जलाएं,अधिक ध्वनि वाले साउंड ना बजाएं साथ ही इसके रोक थाम के लिए पेड़ लगाएं ,एवं जल को प्रदूषित होने से बचाएं। वायु प्रदुषण को हमेशा के लिए ख़त्म करने के लिए पेड़ लगाने के साथ-साथ प्रदुषण फैलाने से भी बचें।साथ ही प्रशासन को इसके लिए आगे आकर प्रदुषण फैलाने वाले वाहनों को जप्त करना चाहिए तभी लोगों को प्रदुषण से मुक्ति मिल सकती है।
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झारखण्ड राज्य के बोकारो जिला से हमारे एक श्रोता मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे है, कि ठण्ड से बचाने के लिए पहले के लोगो मिटी के बर्तन में लकड़ी का भूसा जला देतें थे। उसके बाद वे लोग आग की गर्माहट लेते थे। जबकि कडुवा तेल से मालिश भी करते थे। जिससे शरीर में गर्माहट होने लगता है।
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झारखण्ड राज्य के हज़ारीबाग ज़िला से टेकनारायण प्रसाद झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि जो मज़दूर दूसरे राज्यों में पलायन करते हैं, वहाँ उनके साथ शोषण व अत्याचार किया जाता हैं और जाति के नाम पर भी उनके साथ भेदभाव होते हैं। इसके कारण प्रवासियों को काफ़ी कठिनाइयाँ आती हैं। अन्य राज्य जाने से उनमें असहजता की भावना आ जाती हैं जिसके कारण वो भेदभाव,शोषण आती होने के भय में अपने जीवन व्यतीत करते हैं। हर राज्य के सरकार को उन्ही के राज्य में रोजगार के माध्यम को बढ़ाना चाहिए ताकि मज़दूर अपने स्थान में अपने लोगों के बीच में कम मज़दूरी में ही सही पर सुरक्षित रह कर शांतिपूर्ण ढंग से कार्य कर सके।
दिल्ली एन.सी.आर के कापसहेड़ा से पुजारी तिवारी साझा मंच मोबाइल वाणी के माध्यम से बता रहे हैं कि देखा जाता हैं कि मज़दूर पलायन कर रोजगार की तलाश में दूसरे राज्य जाते हैं जहा पर उनका शोषण होता हैं। सरकार इस पर ध्यान दे। हर एक राज्य के सरकार अपने राज्यों में रोजगार के साधन उपलब्ध करवाए। उचित वेतन रखे ताकि मज़दूरों को रोजगार के अभाव में पलायन न करना पड़े और अपने ही राज्य में रोजगार पाए।
