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जोहर श्रोता बन्धुओ हम एक बार फीर से हाजिर है.झारखण्ड में शिक्षा की दशा एवं दिशा विषय पर अभियान के आखरी कड़ी के साथ इस पूरे अभियान के दोरान आप सबो के द्वारा हमें ढेरो विचार प्राप्त हुवे। इसके लिए झारखण्ड मोबाइल वाणी की पूरे टीम की और से आप सबो को बहुत बहुत धन्यवाद इस अभियान के अंतिम कड़ी में आज हम सुनेंगे झारखण्ड के विभिन जिलो से आए आपके विचार। तो आइये सुनते है उमेश कुमार तुरी जी के विचार जो धनबाद मोहदा से उन्होने बताया की हमारे समाज में पुरुषो के साथ-साथ महिलाओ को भी शिक्षित होना आवश्यक है.सभी के लिए शिक्षा का लक्ष्य प्राप्त करने के लिए तथा 21वी शदी में भारत के सर्वांगी विकाश तथा विशव नेत्रत्व के द्रष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है. भारत के चोमुखी विकाश हेतु क्रिया विन की जा रही कई विशेष नियुक्तियां और योजनाए जैसे गरीब अवमुलन महिला सिशक्तिकारण, और सकल घरेलु उत्पाद में वृद्धि आदि सफल हो सकते है जब देश में साक्षरता दर विशेष कर महिला साक्षरता दर उचि हो.साक्षरता के क्षेत्र में किये गए प्रायशो के फलस्वरूप वर्ष 2001 तक भारत में लगभग 60% साक्षरता के सम्मान जनक दर प्राप्त हुवे है. लेकिन वर्ष2001 की जनगणना से यह भी उजागर हुवा की साक्षरता की विकाश के मामले में सामाजिक और क्षेत्र गत असमन्ताए अभी भी मौजूद है. साथ में यह भी जानकारी होती है की लगभग 50% महिलाए साक्षरता दर बड़े अंतर का सूचक है.महिलाओ में साक्षरता का विशेष महत्व है क्योकि महिला साक्षरता तथा विकाश
जोहर श्रोता ब्नधुओ आज शनिवार हैं और जैसा की आप जानते हैं हर शनिएअर को शाम ६ से ८ बजे तक स्वास्थय सम्बन्धी चर्चा की जाती हैं और इस चर्चा के अंतर्गत हम आप से एक सवाल पूछते हैं और इस हफ्ते का हमारा सवाल था की डाईरिया के रोकथाम के लिए अपने स्तर से क्या उपाय करते हैं साथ ही सर्कार के द्वारा इस के लिए कौन कौन सी सुविधा उपलब्ध होती हैं जैसा की पानी चदाना और ओ.आर.एस घोल की उपलब्धता।
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जोहर श्रोताओ जैसा की आप जानते हैं की आपके झारखण्ड मोबाइल वाणी पर शिक्षा की दशा एवं दिशा पर अभियान चलाया जा रहा हैं इस अभियान के तहत आज की कड़ी में हम जानेगे गुमला हजारीबाग धनबाद बोकारो आदि जिलो में शिक्षा की स्थिति क्या हैं जिसे गुमला से बता रहे हैं विनय कुमार केशरी जी जिनका कहना हैं की शिक्षा एक ऐसा शब्द हैं जिसके बिना समाज के विकाश की कल्पना नहीं की जान जा सकती।आज समाज जिस दिशा की ऒर बढ़ रहा हैं यह शिक्षा के ही कारन हैं जब् तक हम शिक्षित होगे समाज का विकाश होगा। अतः आज समाज के विकाश के लिए शिक्षा का अवश्यक होना जरुरी सा हो गया हैं साथ ही कहा की आज जरुरत हैं हमें अपने बच्चो को अच्छी शिक्षा देने की क्योङ्कि यहाँ पर शिक्षा की स्थिति अच्छी नहीं हैं साथकुछ समय पहले ही इसी मुद्दे पर बात करते हुए राधू राइ जी ने झारखण्ड असंगठीत मजदुर के संयोजक मुन्ना खान जी से बात की जिन्होने बताया की किसी भी देश के विकाश के लिए शिक्षा रीढ़ की तराह कार्य करता हैं शिक्षा से ही देश का व्विकाश सम्भव हैं जिसके लिए उन्होने झारखण्ड सरकार से अनुरोध किया की इस सम्बन्ध में सार्थक पहल करे. श्याम्पत दास जी ने अपने क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालय कारमाताण्ड के सम्बन्ध में कहते हैं की इस विद्यालय के शिक्षक दुसरे कामो में व्यस्त रहते हैं जिस कारन शिक्षा का स्तर गिर रहा है और लोग इसी कारन निजी विध्यालयो की और रुख कर रहे हैं और इसी मुद्दे पर वि के वर्मा जी ने एक लोक गीत प्रस्तुत किया हैं जिसमे उन्होने बच्चो की शिक्षा पर जोर दिया हैं और इसी मुद्दे पर बात करते हुए दीपक कुमार जी ने कहा की आज शिक्षा की मुलभुत जरुरत भी बच्चो की पूरी नाही हो रही हैं वे खुले आसमान में पड़ने को मजबूर हैं जिस पर हमारी सरकार को ध्यान देने की जरुरत हैं साथ ही हमारे यहाँ शिक्षको की भी कामी हैं जिसे पूरा करने की जरूरत हैं इन्ही मुद्दे पर रविन्द्र कुमार वर्मा जी गिरिडीह से कहते हैं की आज स्कुलो में मध्यान भोजन बच्चो को दिया जाता हैं जिससे बच्चो का मन पढाई में न लग कर उस खिचड़ी पर लगा रहता हैं और शिक्षक भी दुसरे कार्यो में फसे रहते हैं साथ ही रांची से विवेक कुमार जी ने भी राज्यों में शिक्षको की कमी बताई हैं जिस पर सरकार को कारवाई करने की जरुरत हैं.गोड्डा से वासिं अख्तर जी ने शिक्षको के वेतन सम्बन्धी असंगतियो को सर्कार से दूर करने की मांग करते हुए कहते हैं सभी को एक ही वेतनमान के अनुसार वेतन दिया जाता हैं जो गलत हैं जिसे ददुर करने की जरुरत हैं.
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