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धनबाद: विकाश कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी पर खोरठा में एक लोक गीत प्रस्तुत किया है.
धनबाद: विकाश कुमार ने झारखण्ड मोबाइल वाणी पर खोरठा में एक लोक गीत प्रस्तुत किया है.
धनबाद: नागेश्वर रवि धनबाद जिले से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि जब भी कोई व्यक्ति अपनी बेटी का विवाह करता है तो अपने कलेजे पर पत्थर रख कर और यह सोच कर की मेरी बेटी ससुराल में ठीक से रहेगी लेकिन होता है इससे उल्टा अक्सर देखा जाता है की बेटियों को शासुरल में अत्याचार किया जाता है और वे चुपचाप सहती रहती हैं यह जानकर की अगर हम शिकायत करेंगे तो हमारे माता पिता का बदनामी होगा। और इसी तरह से उन पर अत्यचार बढ़ता जाता है.वे कहते है सभी को यह ध्यान रखना चाहिए की जब तक जुर्म सहेंगे उन्हें सताया ही जायेगा साथ ही वे कहते हैं कि इस विषय पर झारखण्ड मोबाइल वाणी की एक अच्छी पहल है इसके माध्यम से लोगो को काफी जानकारी मिल रहा है.
धनबाद: नागेश्वर रवि धनबाद जिले से झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से कहते हैं कि जब भी कोई व्यक्ति अपनी बेटी का विवाह करता है तो अपने कलेजे पर पत्थर रख कर और यह सोच कर की मेरी बेटी ससुराल में ठीक से रहेगी लेकिन होता है इससे उल्टा अक्सर देखा जाता है की बेटियों को शासुरल में अत्याचार किया जाता है और वे चुपचाप सहती रहती हैं यह जानकर की अगर हम शिकायत करेंगे तो हमारे माता पिता का बदनामी होगा। और इसी तरह से उन पर अत्यचार बढ़ता जाता है.वे कहते है सभी को यह ध्यान रखना चाहिए की जब तक जुर्म सहेंगे उन्हें सताया ही जायेगा साथ ही वे कहते हैं कि इस विषय पर झारखण्ड मोबाइल वाणी की एक अच्छी पहल है इसके माध्यम से लोगो को काफी जानकारी मिल रहा है.
धनबाद: विकाश कुमार ने धनबाद से झारखण्ड मोबाइल वाणी पर खोरठा-बंगला लोक गीत प्रस्तुत किया है.
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धनबाद से शिवपूजन हजारी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक छात्रा से साक्षात्कार करते हुए छात्रा कहतीं हैं कि छात्रवृति के बारे में नहीं पता और ये एक गरीब परिवार से है पर ये पढना चाहती हैं पर गरीबी के कारन नहीं पढ़ पाती और सरकार के तरफ से भी छात्रवृति व कोई सुविधा नहीं मिलता है जिसके कारण घर में ही घूंट के रहना पड़ता है।
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धनबाद:रमेश महतो झारखण्ड मोबाइल वाणी में यह संदेश दे रहे है उनके क्षेत्र में शरद पूजा उनके गाँव के नजदीक नगधर मंदिर में शरद पूजा धूम धाम से मनाया गया हमारे गाँव के कामख्या मंदिर में इस रात को छऊ नृत्य (बंगाल का दल) का आयोजन किया गया।लोग ने इसका लुत्फ़ उठाया। आज अंतिम दिन में महिलाओं ने लकड़ी से बना खूटा में खुद को बाँध कर घूमा। झूले में लॊग झूलने का आनंद उठाया। इस मेले में अनेक महिला, पुरुष और बच्चों ने भाग लिया।
