बोकारो जिला से सुषमा कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि भारत सरकार ने गरीबों की सहायता के लिए विभिन्न योजनाएँ बनाई है।जैसे वृद्धा पेंशन,विधवा पेंशन एवं प्रधान मंत्री आवास योजनाएँ इत्यादि।साथ ही भारतीय सीमाओं की रक्षा करना तथा विभिन्न देशों के बीच मधुर सम्बन्ध और शांति कायम रखना भी सरकार का ही कर्तव्य है। देश के नागरिकों को अचछी स्वास्थ्य सुविधा का प्रबंध करना तथा प्राकृतिक आपदा के समय लोगों की सहायता करना भी सरकार की ही जिम्मेदारी है।परन्तु सवाल यह है कि क्या जनता सरकारी योजनाओं का लाभ उठा पाती है ? गाँव में देखने को मिलता है कि जरुरत मंदो को इन योजनाओं का लाभ न मिल के समृद्ध और ताकतवर लोगों को मिलता है।पेंशन के लिए भी बैंकों के चक्कर लगा के लोग परेशान हो जाते हैं।अतः सरकार को प्रयास करना चाहिए कि, उनकी योजनाओं का लाभ उचित एवं गरीब जनता को मिले ,इसके लिए उचित कदम उठाने की आवशयकता है।

जिला-बोकारो से मुकेश पंडित जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक चुटकुला प्रस्तुत कर रहे है।

जिला-बोकारो से मुकेश पंडित जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक फिल्मी गीत प्रस्तुत कर रहे है।

जिला-बोकारो से मुकेश पंडित जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक चुटकुला प्रस्तुत कर रहे है।

जिला-बोकारो से मुकेश पंडित जी झारखण्ड मोबाइल वाणी के माध्यम से एक चुटकुला प्रस्तुत कर रहे है।

Transcript Unavailable.

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बोकारो जिले से सुषमा कुमारी ने मोबाइल वाणी के माध्यम से बताया कि समाज में बाल-मजदूरी दिन -प्रतिदिन बढ़ती ही जा रही है।परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण,बच्चों को शिक्षा के लिए प्रेरित न करके,उन्हें जबरदस्ती काम कर के पैसे कमाने के लिए मजबूर किया जाता है।माता -पिता पैसों के लिए ,अपने बच्चों के भविष्य को बर्बाद कर देते हैं।बाल-मजदूरी झारखण्ड में चारों तरफ देखने को मिलती है।समाज में लगभग सभी जगह बच्चे काम करते नज़र आते हैं।कम उम्र से ही काम करने की वजह से,बच्चे तनाव में आ जाते हैं एवं उनका बचपन ख़त्म हो जाता है।साथ ही ऐसे बच्चे भावनात्मक रूप से कमजोर हो जाते हैं और जीवन में जब भी विपरीत परिस्थिति आती है तो ,ये मानसिक संतुलन खो कर आत्म -हत्या कर लेते हैं।बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए उन्हें अच्छी शिक्षा दे एवं उचित पालन -पोषण करें।

जिला बोकारो से सुषमा कुमारी ने मोबाईल वाणी के माध्यम से बताया कि उनके ग्रामीण इलाके के ग्राम सभा में महिलाओं का योगदान या भागीदारी बिलकुल नहीं है।साथ ही महिलाओं को मिलने वाली आधारभूत सुविधाएँ भी नहीं मिलती एवं मनरेगा योजना के लाभ से भी वो वंचित हैं।गर्भवती महिलाओं और उनके छोटे - छोटे बच्चों को भी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।गाँव की स्थति बहुत ही दयनीय है और सरकारी योजनाओं के लाभ से ग्रामवासी अनभिज्ञ हैं।